जबलपुर :घर से हाईकोर्ट तक जस्टिस की 3 किमी साइकल राइड, जबलपुर में दिखा पीएम मोदी की अपील का असर

जबलपुर। पश्चिम एशिया में अमेरिका- ईरान के बीच जारी तनाव और ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की थी। पीएम ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर लोग वर्क फ्रॉम होम अपनाएं और जहां संभव हो, ईंधन की खपत कम करें। इसी अपील का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में जस्टिस डी. डी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे और लोगों को तेल बचाने का संदेश दिया।
घर से कोर्ट तक, 3 किमी साइकिल राइड
जस्टिस डीडी बंसल सिविल लाइंस के पचपेढ़ी इलाके में रहते हैं। उनका सरकारी आवास वहीं स्थित है, जहां से मध्यप्रदेश का जबलपुर हाईकोर्ट बेंच की दूरी करीब 3 किलोमीटर है। उन्होंने यह पूरा रास्ता साइकिल से तय किया। व्यस्त सड़कों पर जब लोगों ने हाईकोर्ट के जज को साइकिल चलाते देखा तो कई लोग हैरान रह गए। जस्टिस बंसल का कहना है कि अगर छोटे-छोटे स्तर पर भी लोग ईंधन बचाने की कोशिश करें, तो इसका बड़ा असर दिखाई दे सकता है।
पीएम मोदी ने क्या अपील की थी?
- पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ऊर्जा संरक्षण को लेकर देशवासियों से अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए पेट्रोल-डीजल की बचत बेहद जरूरी है।
- उन्होंने लोगों से कहा था कि जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्प अपनाएं ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
- सरकार का कहना है कि यह किसी तरह की पाबंदी नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी का संदेश है।
चीफ जस्टिस से मिली प्रेरणा
जस्टिस बंसल ने बताया कि उन्हें ;चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा से साइकिल चलाने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि समाज में हर व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार पर्यावरण और संसाधनों को बचाने में योगदान देना चाहिए। इस दौरान हाईकोर्ट के कुछ कर्मचारी भी उनके साथ साइकिल पर दिखाई दिए। कर्मचारियों ने उनका बैग और जरूरी सामान अपने साथ रखा था।
‘पद की गरिमा गाड़ियों से नहीं होती’- जस्टिस बंसल
साइकिल से कोर्ट पहुंचने के बाद जस्टिस बंसल ने कहा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि बड़े पदों पर बैठे लोग साइकिल नहीं चला सकते। उन्होंने साफ कहा कि किसी पद की पहचान बड़ी गाड़ियों या काफिलों से नहीं, बल्कि काम और व्यवहार से होती है। इसके अलावा उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां तक संभव हो, साइकिल का इस्तेमाल करें। इससे ईंधन की बचत होगी, पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और लोगों की सेहत भी बेहतर होगी।











