मीडिया पर भड़के ट्रंप :बोले- ईरान को जंग जीतने की झूठी उम्मीद दे रहा, उसकी नौसेना और वायुसेना तबाह कर चुका अमेरिका

वॉशिंगटनन डीसी। चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिका यह संघर्ष शांति से या किसी भी तरीके से जीत जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान सही फैसला नहीं करता तो अमेरिका बाकी कार्रवाई भी पूरी करेगा। जिससे अमेरिका ने ईरान को एक बार कड़ी चेतावनी भरे लहजे में अपनी ताकत दिखाई है।
चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले आया बयान
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली है। हालांकि ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान मामले में उन्हें चीन की किसी मदद की जरूरत नहीं है।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नीतियों पर भरोसे की कमी ही शांति की राह में सबसे बड़ी रुकावट है।
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क्या है पूरा मामला?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी मीडिया पर बड़ा हमला बोला है। ट्रंप ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थान ईरान को मजबूत दिखाकर उसे “झूठी उम्मीद” दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है और अमेरिका हर हाल में यह लड़ाई जीतेगा।
5 बातें जिसे जानना है जरूरी
1. ट्रंप ने मीडिया पर लगाया दुश्मन की मदद का आरोप
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिकी मीडिया गलत खबरें दिखाकर ईरान का मनोबल बढ़ा रहा है। उनके मुताबिक, यह लगभग “देशद्रोह” जैसा है क्योंकि इससे दुश्मन को फायदा मिलता है।
2. ईरान की सेना को बताया पूरी तरह कमजोर
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और युद्ध क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ईरान के कई बड़े नेता भी अब नहीं रहे और देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है।
3. बोले- ‘शांति से या ताकत से, जीत अमेरिका की होगी’
चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिका यह संघर्ष किसी भी हाल में जीतेगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझदारी दिखाता है तो शांति संभव है, वरना अमेरिका बाकी कार्रवाई भी पूरी करेगा।
4. चीन से मुलाकात से पहले आया बयान
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली है। हालांकि ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान मामले में उन्हें चीन की मदद की जरूरत नहीं है।
5. ईरान ने भी अमेरिका को दिया कड़ा संदेश
उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन पर भरोसे की कमी ही क्षेत्र में शांति कायम होने की सबसे बड़ी बाधा है।
क्यों जरूरी है ट्रंप का बयान
- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है
- ट्रंप के बयान से पश्चिम एशिया में माहौल और गरम हो सकता है
- चीन के साथ होने वाली बैठक पर भी दुनिया की नजरें टिकी हैं
- ईरान की सैन्य स्थिति को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं
- वैश्विक तेल बाजार और सुरक्षा पर इसका असर पड़ सकता है











