PM Modi:विदेश दौरे से लौटे पीएम मोदी, आज मंत्रिपरिषद की अहम बैठक; कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज

दिल्ली के सेवा तीर्थ में आज होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में पश्चिम एशिया संकट, तेल कीमतों और आर्थिक प्रभावों पर चर्चा हो सकती है। कई मंत्रालय योजनाओं की रिपोर्ट पेश करेंगे, जबकि सरकार के 12 साल के कामकाज की समीक्षा भी होगी।
पश्चिम एशिया संकट पर सरकार की नजर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में तेल की कीमतों, ईंधन आपूर्ति और मुद्रास्फीति जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हो सकती है। सरकार इस बात को लेकर सतर्क है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश की अर्थव्यवस्था पर कम से कम पड़े। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पहले ही एक उच्चस्तरीय अनौपचारिक समूह बनाया जा चुका है। इस समूह में अमित शाह, निर्मला सीतारमण, और हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं।
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11 महीने बाद हो रही मंत्रिपरिषद की बैठक
करीब 11 महीने बाद मंत्रिपरिषद की यह बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है। सेवा तीर्थ में शाम साढ़े चार बजे शुरू होने वाली यह बैठक लगभग चार से पांच घंटे तक चल सकती है। बैठक में कई मंत्रालय अपनी प्रगति और सुधारों से जुड़े प्रजेंटेशन पेश करेंगे। ऊर्जा, वित्त, रेलवे, वाणिज्य, कृषि, सड़क परिवहन और पर्यावरण मंत्रालय समेत कई विभाग अपनी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देंगे। माना जा रहा है कि सरकार आने वाले समय के लिए नई रणनीतियों और सुधारों पर भी विचार करेगी।
सुधारों और योजनाओं की होगी समीक्षा
प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश के बाद सभी मंत्रालयों ने पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों की रिपोर्ट पहले ही कैबिनेट सचिवालय को सौंप दी है। बैठक में मंत्रालयों के सचिव अपने-अपने विभागों के कामकाज और योजनाओं की विस्तृत जानकारी देंगे। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि आगे किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। सरकार का फोकस प्रशासनिक सुधारों के साथ विकास योजनाओं को और प्रभावी बनाने पर रहेगा।
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मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज
बैठक को मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि मंत्रियों के विभागों और उनके कामकाज का आकलन किया जाएगा। सरकार के दो वर्षों के प्रदर्शन और विभिन्न मंत्रालयों के रिपोर्ट कार्ड पर भी चर्चा संभव है। इसके अलावा भविष्य की नीतियों, संभावित आपात स्थितियों और प्रशासनिक तैयारियों पर भी मंथन हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से फेरबदल को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
12 साल के कामकाज पर फोकस
बता दें कि 9 जून को मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने जा रहे हैं, ऐसे में बैठक में सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी। सभी मंत्रालयों से पिछले 12 वर्षों की सफल योजनाओं और बड़े फैसलों की सूची मांगी गई है। माना जा रहा है कि बैठक में सरकार अपने कामकाज की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा करेगी।












