गोशला कूल-कूल : भीषण गर्मी में गोशाला की गायों के लिए कूलर-पंखों के साथ मिस्टिंग की फुहारों से ठंडक

नरेन्द्र सिंह, जबलपुर। आज के समय में जबकि गर्मी से बचाने इंसानों के लिए तक कोई प्रयास नहीं दिखते तो जानवरों की सुध यदि कोई ले तो उसकी सराहना होनी चाहिए। इंसानों को राहत देने के लिए पहले प्रशासन और सामाजिक,धार्मिक,राजनीतिक संस्थाएं प्याऊ संचालित करती थीं,कुछ सालों से नगर निगम भी चौराहों पर ग्रीन नेट की छांव और डिफोगर मशीन से महीन पानी की फुहारों से राहत दिलाता था जो अब बंद हो चुकी है। वहीं समीपस्थ जिले की एक गौशाला ऐसी भी है जो अपने गौ वंश को गर्मी से बचाने के लिए पंखे, कूलर के साथ स्प्रिंकलर के माध्यम से पाइपों में महीन छिद्र कर पानी की बारीक फुहारों से राहत दे रहा है।
पालकों द्वारा छोड़ा गया गोवंश
गौरतलब है कि गुरू कृपा गो सेवा समिति में कोई भी गाय दूध देने वाली नहीं मिलेगी। ये सब वह गो वंश है जो पालकों द्वारा छोड़ दिया गया है या दुर्घटना में घायल होकर सड़क पर तड़फता मिला है। इनमें बुजुर्ग गायों से लेकर नंदी और इनके बछड़े मिलकर सवा सौ की संख्या तक पहुंच चुके हैं। इनके लिए अच्छा दाना,साल भर का भूसा और उपचार की व्यवस्था हमेशा उपलब्ध होती है। यहां 5 परिसरों में गौशाला संचालित होती है।
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ऐसे बचाते हैं गर्मी से
समिति की अध्यक्ष कल्याणी पाण्डेय बताती हैं कि हमने मात्र साढ़े 3 हजार रुपए में यह सिस्टम लगवाया है। इसमें एक छोटी मोटर जो कि पानी खींचती है, 20 नोजल और 100 फीट पाइप शामिल है। दोपहर होते ही इसे चालू कर दिया जाता है जो कि शाम तक चलाया जाता है। इससे गायों को गर्मी से राहत मिल रही है।
सफल रहा प्रयोग
हालांकि इसके अलावा यहां पर पर्याप्त मात्रा में पंखे और कहीं-कहीं कूलर भी लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रयोग एक परिसर में किया गया था जो कि बेहद सफल रहा अब इस व्यवस्था को हम सभी पांचों गौ परिसरों में करने वाले हैं।












