
नेशनल डेस्क। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है। कृष्णानगर में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के चुनावी माहौल पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें मिल रही जानकारियां इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि बंगाल में अब बदलाव की हवा बह रही है। पीएम ने खासतौर पर अधिक मतदान को भाजपा के पक्ष में जाते हुए बताया और मतदाताओं को लोकतंत्र के इस पर्व में सक्रिय भागीदारी के लिए बधाई दी।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने जनता के उत्साह को बदलाव का संकेत बताया। उन्होंने कहा, कृष्णानगर में आज भय पर भरोसे की विजय का विश्वास दिख रहा है। ये उत्साह, ये उमंग, ये जोश भरोसे का है। भय जा रहा है, भरोसा आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वर्षों से दबाई गई आवाजें अब खुलकर सामने आ रही हैं। गांव-गांव और गली-गली में हर वर्ग, महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्ग अब एकजुट होकर अपनी बात कह रहा है।
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पीएम मोदी ने भाजपा और एनडीए के पक्ष में जोरदार जीत की अपील करते हुए कहा कि 4 मई को बंगाल में जीत का जश्न मनाया जाएगा। उन्होंने अपने अंदाज में तंज कसते हुए कहा, झालमुड़ी मैंने खाई... लेकिन झाल (मिर्च) टीएमसी को लगी है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में टीएमसी नेताओं और उनके सिंडिकेट के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है, और कई जिलों में TMC का खाता तक नहीं खुलेगा।
प्रधानमंत्री ने TMC सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, आज तृणमूल में जंगलराज के विरुद्ध बंगाल की जनता हर गली मोहल्ले में शंख फूंक रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह चुनाव किसी नेता का नहीं, बल्कि जनता का चुनाव है। ये चुनाव न मोदी लड़ रहा है और न ही मेरे साथी लड़ रहे हैं। इस बार बंगाल का चुनाव यहां की जनता जनार्दन लड़ रही है। उनके अनुसार, हर वर्ग अब बदलाव के लिए वोट कर रहा है और अब बहुत हो गया की भावना पूरे राज्य में दिखाई दे रही है।
पीएम मोदी ने अलग-अलग वर्गों का जिक्र करते हुए कहा कि किसान से लेकर व्यापारी और सरकारी कर्मचारी तक, सभी भयमुक्त वातावरण के लिए मतदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान खेत से मंडी तक सुरक्षा चाहते हैं, डॉक्टर बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए वोट दे रहे हैं, वहीं शिक्षक शिक्षा संस्थानों में स्वतंत्र माहौल चाहते हैं। इसके अलावा छोटे व्यापारी और परिवहन से जुड़े लोग कथित सिंडिकेट व्यवस्था से मुक्ति की उम्मीद में मतदान कर रहे हैं।
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा, TMC के बेरहम शासन की पहचान है 'झूठ बोलना और धोखा देना।' उनके 15 साल के कार्यकाल में किया गया हर एक वादा अधूरा ही रहा है..। उन्होंने स्थानीय निकायों में कथित भ्रष्टाचार और ‘लूट मॉडल’ का भी जिक्र किया। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग और सरकारी कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा, मैं चुनाव आयोग को दिल से बधाई देता हूं। मतदाताओं की भागीदारी (वोटर टर्नआउट) पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है।