S-400 के बाद S-500 और Su-57E तक रूस का बड़ा प्रस्ताव, भारत की सैन्य ताकत बढ़ाने पर जोर

रूस ने भारत को 5 और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम देने की पेशकश की है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 के प्रदर्शन के बाद भारत अपनी एयर डिफेंस क्षमता बढ़ाने की तैयारी में है। रूस ने S-500, सुखोई-57E, किलो क्लास पनडुब्बी और सुपर सुखोई अपग्रेड जैसे कई रक्षा प्रस्ताव भी भारत के सामने रखे हैं।
S-400 के बाद S-500 और Su-57E तक रूस का बड़ा प्रस्ताव, भारत की सैन्य ताकत बढ़ाने पर जोर
रूस ने भारत को 5 और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम देने की पेशकश की है।

भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बार फिर बड़ा अपडेट सामने आया है। रूस ने भारतीय वायु सेना को 5 और S-400 'ट्रायम्फ' एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम देने की पेशकश की है। भारत में इस सिस्टम को 'सुदर्शन' नाम दिया गया है। यह सिस्टम लंबी दूरी से आने वाले हवाई खतरों को रोकने के लिए जाना जाता है।

ऑपरेशन सिंदूर में S-400 ने दिखाया दम

S-400 सिस्टम ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की तरफ से आने वाले कई हवाई खतरों को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के मुताबिक, इस सिस्टम ने पाकिस्तान के एक निगरानी विमान को करीब 314 किलोमीटर की दूरी से निशाना बनाया था। S-400 के इस प्रदर्शन को देखते हुए भारत ने अपनी एयर डिफेंस क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी के तहत 5 और S-400 स्क्वाड्रन की खरीद को लेकर आगे बढ़ने की तैयारी है।

मोदी-पुतिन की मुलाकात में हुई रक्षा सहयोग पर चर्चा

रूस की ओर से यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के दौरान सामने आया। दोनों नेताओं की बैठक किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की गई। इसी दौरान रूस ने भारत के सामने S-400 के अलावा कई आधुनिक सैन्य तकनीकों से जुड़े प्रस्ताव भी रखे।

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2018 में हुआ था S-400 का पहला करार

भारत ने साल 2018 में रूस से 5 S-400 सिस्टम खरीदने का ऑर्डर दिया था। इनमें से अब तक 4 यूनिट भारत को मिल चुकी हैं, जबकि पांचवीं यूनिट की डिलीवरी नवंबर तक होने की उम्मीद है। अगर नए 5 S-400 सिस्टम को लेकर करार होता है, तो इनकी डिलीवरी समझौते पर हस्ताक्षर होने के करीब तीन साल बाद शुरू हो सकती है। नई यूनिट्स को भारत की पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर तैनात करने की योजना है।

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S-400 के साथ S-500 का भी ऑफर

रूस ने भारत के सामने सिर्फ S-400 का प्रस्ताव नहीं रखा है। उसने आधुनिक S-500 'प्रोमेथियस' मिसाइल सिस्टम के भारत में संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव भी दिया है। इसके अलावा रूस ने सुखोई-57E स्टेल्थ फाइटर जेट से जुड़े सहयोग और कैलिबर क्रूज मिसाइल से लैस किलो क्लास पनडुब्बी की पेशकश भी की है।

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'सुपर सुखोई' से और बढ़ेगी ताकत

रूस ने भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 लड़ाकू विमानों को अपग्रेड कर 'सुपर सुखोई' बनाने के कार्यक्रम का प्रस्ताव भी रखा है। इसका मकसद मौजूदा लड़ाकू विमानों की क्षमता और तकनीक को और बेहतर करना है। अगर इन सभी प्रस्तावों पर भारत और रूस के बीच सहमति बनती है, तो इससे भारत की एयर डिफेंस और सैन्य क्षमताओं को और मजबूती मिल सकती है। खासकर पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर आधुनिक रक्षा प्रणालियों की तैनाती से भारत की सुरक्षा क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

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