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ईरान के राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी, किर्गिस्तान में हुई दोनों नेताओं की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की बैठक है।
ईरान के राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी, किर्गिस्तान में हुई दोनों नेताओं की मुलाकात
ईरान के राष्ट्रपति से पीएम मोदी की मुलाकात

ईरान और अमेरिका के बीच फिर बढ़े तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हो रही शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शिखर बैठक के दौरान हुई। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने मुलाकात है। इस दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट, चाबहार पोर्ट, कार्गो जहाजों पर हो रहे हमलों और भारत की ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दे अहम रहे।

युद्ध के बाद पहली बार आमने-सामने मिले मोदी-पेजेश्कियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की इससे पहले अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में हुए ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। इसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच कई बार बातचीत हो चुकी है। इन बातचीत में क्षेत्र में तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही और भारत की ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। हालांकि, सोमवार को हुई आमने-सामने की मुलाकात में किन मुद्दों पर कितनी चर्चा हुई, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

अमेरिका के हमलों के बाद ईरान ने दिया शांति का संदेश

पीएम मोदी से मुलाकात से ठीक पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका को शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईरान जंग नहीं चाहता है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर हमले तेज हो गए हैं। दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे पर हमले किए जाने के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

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होर्मुज स्ट्रेट और चाबहार पर नजर

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर खाड़ी क्षेत्र में समुद्री आवाजाही पर भी पड़ रहा है। ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा समुद्री रास्ते से आने वाले तेल और गैस पर निर्भर है। मुलाकात के दौरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही, चाबहार पोर्ट और कार्गो जहाजों पर हो रहे हमलों जैसे मुद्दों के उठने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

होर्मुज के ऊपर अमेरिकी ड्रोन गिराने का ईरान का दावा

इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया है। एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, सोमवार तड़के ईरानी एयर डिफेंस ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के लंबी दूरी वाले एमक्यू-9 ड्रोन को मिसाइल से निशाना बनाया।

पीएम मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान से भी की मुलाकात

SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत और आर्मेनिया के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बिश्केक में पीएम मोदी की अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ हो रही मुलाकातों को भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच पेजेश्कियान से मुलाकात और आर्मेनिया के साथ द्विपक्षीय बातचीत, दोनों ही भारत की क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

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SCO बैठक के लिए बिश्केक पहुंचे हैं पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सोमवार और मंगलवार को बिश्केक में हैं। भारत के लिए यह यात्रा मध्य एशिया के साथ संबंधों को और मजबूत करने का मौका भी मानी जा रही है। SCO की स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस SCO में शामिल हुए। ऐसे समय में जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है, पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की यह मुलाकात भारत के लिए रणनीतिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है।a

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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