नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को देश के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के असर पर चर्चा की। इस अहम बैठक में उन पांच राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए, जहां जल्द चुनाव होने हैं। इसी कारण पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री मीटिंग का हिस्सा नहीं बने। बैठक का मुख्य फोकस ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालातों के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर पड़ रहे असर से निपटने की रणनीति तैयार करना रहा। केंद्र सरकार ने राज्यों को भरोसा दिलाया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने बैठक में कोरोनाकाल के दौरान अपनाए गए ‘टीम इंडिया’ मॉडल को फिर से लागू करने पर जोर दिया। इस मॉडल के तहत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर समन्वय के साथ काम करती हैं, ताकि जरूरी वस्तुओं की सप्लाई और वितरण सुचारु बना रहे। कोविड-19 के समय दवाइयों, मास्क और टेस्टिंग किट पर फोकस था, जबकि मौजूदा स्थिति में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। केंद्र का मानना है कि सभी राज्यों के सहयोग से किसी भी संभावित संकट को प्रभावी ढंग से संभाला जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिमी एशिया में बढ़े तनाव के बीच भारत में ईंधन आपूर्ति को लेकर अफवाहों का दौर तेज हो गया है। कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की आशंका से लोग पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में नजर आए। कुछ जगहों पर लोग बड़ी मात्रा में डीजल-पेट्रोल स्टॉक करने के लिए बड़े कंटेनर लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन मिलना मुश्किल हो रहा है। हालांकि सरकार लगातार यह स्पष्ट कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है।