PM मोदी का 5 देशों का दौरा क्यों है खास?AI से लेकर तेल तक कई मुद्दों पर होगी चर्चा, UAE से इटली तक अहम बैठकों का दौर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार से अपने छह दिन के पांच देशों के दौरे की शुरुआत कर दी है। इस यात्रा के दौरान वह संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे। माना जा रहा है कि इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और दुनिया के बड़े देशों के साथ व्यापार व रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देना है। ऐसे समय में जब दुनिया ईरान-इजरायल तनाव और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रही है, पीएम मोदी की यह विदेश यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस दौरे में ऊर्जा, निवेश, नई तकनीक, रक्षा और आपूर्ति श्रृंखला जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
यूएई दौरे से होगी शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले यूएई पहुंचेंगे, जहां वह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे।

इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है क्योंकि दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर बड़े फैसले हो सकते हैं। भारत और यूएई के बीच एलपीजी सप्लाई और पेट्रोलियम भंडार को लेकर अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। यूएई भारत के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा यूएई से कच्चे तेल और एलपीजी के रूप में हासिल करता है। यूएई भारत की एलपीजी जरूरत का करीब 40 % हिस्सा पूरा करता है।
तेल भंडार को लेकर हो सकती है बड़ी डील
इस यात्रा के दौरान इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के बीच बड़ा समझौता होने की संभावना है। इसके अलावा इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड और ADNOC के बीच भी तेल भंडारण को लेकर नई सहमति बन सकती है। भारत पहले से ही अपने पेट्रोलियम भंडार को मजबूत करने पर काम कर रहा है ताकि किसी भी वैश्विक संकट की स्थिति में देश में ईंधन की कमी न हो। साल 2018 में यूएई ने भारत के मंगलुरु स्थित भंडार में लाखों बैरल कच्चा तेल जमा करने का फैसला किया था। अब इस सहयोग को और आगे बढ़ाने की तैयारी है।
नीदरलैंड में व्यापार और निवेश पर जोर
यूएई के बाद प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड जाएंगे। यहां वह डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह किंग विलेम अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी मिलेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, जल प्रबंधन, कृषि और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत और नीदरलैंड के बीच पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। इस यात्रा से निवेश और व्यापार के नए रास्ते खुल सकते हैं।

स्वीडन में AI और नई तकनीक पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी 17 और 18 मई को स्वीडन के दौरे पर रहेंगे। यहां वह स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में AI, सेमीकंडक्टर, रक्षा और नवाचार जैसे विषयों पर खास फोकस रहेगा। इसके अलावा पीएम मोदी और स्वीडिश प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपीय उद्योग मंच को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में यूरोप की बड़ी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे। भारत को नई तकनीक और निवेश के क्षेत्र में इसका फायदा मिल सकता है।

नॉर्वे में इंडिया-नॉर्डिक समिट में लेंगे हिस्सा
दौरे के अगले चरण में प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे जाएंगे। यहां वह ओस्लो में होने वाले तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भी शामिल होंगे। इस समिट में हरित ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल तकनीक और व्यापार जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

पीएम मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर के साथ अलग से द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे।
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इटली में खत्म होगा दौरा
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंचेंगे। यहां वह राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे।

दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर बातचीत होने की संभावना है। भारत और इटली के संबंध पिछले कुछ समय में तेजी से बेहतर हुए हैं। ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दे सकता है।











