‘महंगाई मैन मोदी की वसूली शुरू…’पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने पर कांग्रेस का हमला, अखिलेश बोले- साइकिल ही विकल्प

नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी ने एक बार फिर आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। शुक्रवार सुबह जैसे ही नए रेट लागू हुए, वैसे ही राजनीतिक माहौल भी गरमा गया। विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर चुनावी रणनीति और ‘वसूली’ से जोड़ दिया, जबकि सरकार ने वैश्विक हालात को जिम्मेदार बताया है।
पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही सियासत गरम
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। शुक्रवार सुबह नए रेट लागू होते ही विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए। सोशल मीडिया से लेकर प्रेस बयानों तक, महंगाई का मुद्दा छा गया है और इसे आम जनता पर सीधा आर्थिक बोझ बताया जा रहा है।
विपक्ष का आरोप- ‘चुनाव खत्म, वसूली शुरू’
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस बढ़ोतरी को चुनाव से जोड़ते हुए सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर गए और देश को महंगाई का तोहफा देकर गए। कांग्रेस ने तंज कसते हुए प्रधानमंत्री को ‘महंगाई मैन’ बताया और आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही जनता से वसूली शुरू कर दी जाती है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि रुपया, पेट्रोल और डीजल में सबसे पहले कौन 100 का आंकड़ा पार करेगा।
वहीं तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने सरकार पर जनता को पहले वोट के लिए लुभाने और बाद में महंगाई से चोट पहुंचाने का आरोप लगाया।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तंज कसते हुए ‘साइकिल’ को विकल्प बताया।
सरकार ने वैश्विक कारणों का दिया हवाला
सरकार और भाजपा नेताओं ने इस बढ़ोतरी को वैश्विक परिस्थितियों से जोड़कर देखा है। भाजपा नेता अमित मालवीय का कहना है कि, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत में सीमित बढ़ोतरी की गई है। उनका दावा है कि कई देशों में ईंधन की कीमतें 40% से 90% तक बढ़ चुकी हैं, जबकि भारत में स्थिति अपेक्षाकृत नियंत्रित है।
नए रेट्स का असर आम जनता पर
देश में तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।
दिल्ली में पेट्रोल: 94.77 रुपए - 97.77 रुपए प्रति लीटर
दिल्ली में डीजल: 87.67 रुपए - 90.67 रुपए प्रति लीटर
CNG: करीब 2 रुपए प्रति किलो तक महंगी
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपए से बढ़कर 97.77 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 87.67 रुपए से बढ़कर 90.67 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। इसके अलावा CNG की कीमतों में भी करीब 2 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इसका असर ट्रांसपोर्टेशन से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक देखने को मिल सकता है, जिससे महंगाई और बढ़ने की आशंका है।
क्यों बढ़े दाम
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह मानी जा रही है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री मार्गों में बाधा आने से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर ईंधन महंगा हुआ है।
भारत में ईंधन की स्थिति
सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का असर घरेलू बाजार पर पड़ना स्वाभाविक है। यही कारण है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी देखने को मिली है।
सोशल मीडिया पर महंगाई पर बहस
ईंधन की कीमतें बढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। लोग महंगाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, वहीं राजनीतिक दल इसे अपने-अपने तरीके से पेश कर रहे हैं। मीम्स, पोस्ट और ट्रेंड्स के जरिए यह मुद्दा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी छाया हुआ है।











