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Petrol Diesel Price Hike :आम आदमी को महंगाई का झटका, देशभर में महंगा हुआ पेट्रोल- डीजल, दिल्ली में 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़े दाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करने की अपील की थी। पीएम ने कहा था कि पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए ईंधन का संयम से उपयोग करना जरूरी है
आम आदमी को महंगाई का झटका, देशभर में महंगा हुआ पेट्रोल- डीजल, दिल्ली में 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़े दाम

नई दिल्ली। देशभर में 15 मई यानी आज से से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। दिल्ली में अब पेट्रोल 94.77 रुपए से बढ़कर 97.77 रुपए प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 87.67 रुपए से बढ़कर 90.67 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। करीब एक साल बाद ईंधन की कीमतों में बदलाव हुआ है।

क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?

इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल है। ईरान-अमेरिका तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के चलते क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गया है।

कच्चा तेल महंगा होने से सरकारी तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया था। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां लंबे समय से घाटे में चल रही थीं। ऐसे में कंपनियों ने नुकसान कम करने के लिए दाम बढ़ाने का फैसला लिया।

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तेल कंपनियों को कितना नुकसान हो रहा था?

सरकार के मुताबिक तेल कंपनियों को हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा था।

  • पेट्रोल बेचने पर कंपनियों को करीब ₹20 प्रति लीटर घाटा
  • डीजल पर करीब ₹100 प्रति लीटर तक नुकसान
  • एलपीजी की बिक्री में भी कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा था
  • पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार लगातार बढ़ती क्रूड कीमतों की वजह से कंपनियों की लागत काफी बढ़ गई थी।

2024 से नहीं बढ़े थे दाम

मार्च 2024 के बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर थे। लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने जनता को राहत देने के लिए 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती भी की थी।

हालांकि तकनीकी रूप से तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से रोज कीमतें बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक और आर्थिक कारणों से लंबे समय तक दाम नहीं बढ़ाए गए।

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सरकार ने पहले क्या राहत दी थी?

सरकार ने पहले एक्साइज ड्यूटी घटाकर कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की थी। पेट्रोल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 की गई थी, डीजल पर ₹10 से घटाकर शून्य कर दिया गया था। इससे पेट्रोल और डीजल के दाम लंबे समय तक स्थिर रहे। लेकिन वेस्ट एशिया में बिगड़ते हालत के बाद कई देशों में पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़ने के बाद अब भारत में बढ़े हैं।

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आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

ईंधन महंगा होने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।

  • ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जी, दूध और रोजमर्रा का सामान महंगा हो सकता है
  • बस, टैक्सी और माल ढुलाई का खर्च बढ़ सकता है
  • महंगाई दर पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है
  • अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं तो आने वाले समय में और बढ़ोतरी भी हो सकती है।

PM मोदी ने ईंधन बचाने की अपील की थी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करने की अपील की थी। पीएम ने कहा था कि पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए ईंधन का संयम से उपयोग करना जरूरी है, ताकि विदेशी मुद्रा पर दबाव कम हो और युद्ध के असर से देश की अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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