PM CARES Fund में एक साल में 1,279 करोड़ की बढ़ोतरी! 8,452 करोड़ पहुंचा कुल कॉर्पस, नई ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया पूरा हिसाब

नई दिल्ली। PM CARES Fund से जुड़ा ताजा वित्तीय डेटा सामने आया है। ऑडिटेड अकाउंट्स के मुताबिक, मार्च 2025 के अंत तक फंड का कॉर्पस 8,452.07 करोड़ रुपये पहुंच गया। वित्त वर्ष 2023-24 में यह रकम 7,173.03 करोड़ रुपये थी। यानी एक साल में फंड में करीब 1,279 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान फंड को घरेलू और विदेशी योगदान के साथ ब्याज और रिफंड से भी रकम मिली। वहीं, खर्च काफी कम रहा। फंड की कुल रकम का बड़ा हिस्सा बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया था। इससे ब्याज के रूप में भी बड़ी रकम मिली और फंड का कुल कॉर्पस बढ़ता गया।
एक साल में इतना बढ़ा फंड
वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत में PM CARES Fund में 7,173.03 करोड़ रुपये थे। पूरे साल के दौरान इसमें 1,279.91 करोड़ रुपये की रकम जुड़ी। इसमें दान, ब्याज और रिफंड शामिल रहे। दूसरी ओर, पूरे वित्त वर्ष में फंड से करीब 87.85 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके बाद मार्च 2025 के अंत में कुल रकम 8,452.07 करोड़ रुपये हो गई।
ये भी पढ़ें: 'स्कूल ठीक करो' अभियान का असर: अभिजीत दिपके की मांग पर शराबी प्रिंसिपल सस्पेंड, स्कूल को मिले 4 नए शिक्षक
FD में रखा गया बड़ा हिस्सा
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक फंड की कुल रकम का बड़ा हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया था। करीब 7,846.66 करोड़ रुपये शेड्यूल्ड बैंकों में एफडी के तौर पर दर्ज थे। वित्त वर्ष के दौरान एफडी से करीब 469.38 करोड़ रुपये ब्याज मिला। सेविंग्स अकाउंट से भी करीब 5.77 करोड़ रुपये की ब्याज आय हुई।
घरेलू दान से भी आया पैसा
वित्त वर्ष 2024-25 में PM CARES Fund को घरेलू स्रोतों से करीब 479.04 करोड़ रुपये मिले। विदेशी योगदान करीब 92.83 लाख रुपये रहा। इसके अलावा फंड से जुड़ी एजेंसियों से 324.66 करोड़ रुपये का रिफंड भी मिला। एफडी के ब्याज पर काटे गए टीडीएस के रूप में 13.49 लाख रुपये वापस मिले।
कोरोना के समय शुरू हुआ था फंड
PM CARES Fund की शुरुआत कोरोना महामारी के दौरान 27 मार्च 2020 को की गई थी। इसे एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में बनाया गया था। इसके अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से इस फंड में योगदान करने की अपील की थी। इसका उद्देश्य कोरोना जैसी आपात स्थिति में जरूरी संसाधनों के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराना था।
शुरुआती साल में तेजी से बढ़ी रकम
फंड के पहले वित्त वर्ष 2019-20 में घरेलू योगदान से 3,075.85 करोड़ रुपये और विदेशी योगदान से 39.68 करोड़ रुपये मिले थे। इसके बाद 2020-21 में घरेलू योगदान 7,183.78 करोड़ रुपये और विदेशी योगदान 494.92 करोड़ रुपये तक पहुंचा। इसी अवधि में ब्याज से भी 224.33 करोड़ रुपये मिले। कोरोना से जुड़े कामों पर इस साल करीब 3,976 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
कोरोना के बाद खर्च हुआ कम
वित्त वर्ष 2021-22 में फंड से करीब 3,716 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, कोविड अस्पताल और दूसरे जरूरी उपकरण शामिल थे। इसके बाद खर्च में लगातार कमी आई। 2022-23 में करीब 439 करोड़ रुपये और 2023-24 में लगभग 15.60 करोड़ रुपये खर्च हुए। 2023-24 का बड़ा हिस्सा PM CARES for Children योजना से जुड़ा था।
ये भी पढ़ें: बिहार TRE-4 शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 32 हजार से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती; जानें योग्यता और परीक्षा पैटर्न
बच्चों की मदद के लिए भी इस्तेमाल
PM CARES for Children योजना कोरोना के दौरान माता-पिता या कानूनी अभिभावक खोने वाले बच्चों की सहायता के लिए शुरू की गई थी। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मदद से जुड़ी सुविधाएं दी जाती हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस योजना पर भी फंड से खर्च जारी रहा है। इसके बावजूद कुल कॉर्पस बढ़कर 8,452 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया।











