'स्कूल ठीक करो' अभियान का असर: अभिजीत दिपके की मांग पर शराबी प्रिंसिपल सस्पेंड, स्कूल को मिले 4 नए शिक्षक

अभिजीत दिपके ने दो दिन पहले संतुक पिंपरी गांव के जिला परिषद स्कूल का निरीक्षण किया था। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर प्रिंसिपल पर शराब के नशे में स्कूल आने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद ग्रामीण बेहतर स्कूल व्यवस्था की मांग को लेकर अनशन पर बैठ गए थे। दिपके ने दोबारा गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और प्रशासन के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्कूल की व्यवस्था सुधारने के लिए चार शिक्षकों की नियुक्ति और बच्चों के लिए बेंच उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है।
हिंगोली में ग्रामीणों की मांग के बाद कार्रवाई
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके इन दिनों हिंगोली जिले के दौरे पर हैं और 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। दो दिन पहले उन्होंने संतुक पिंपरी गांव के जिला परिषद स्कूल का निरीक्षण किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर कई शिकायतें उनके सामने रखीं। दिपके ने ग्रामीणों के आरोपों का हवाला देते हुए कहा था कि स्कूल के प्रिंसिपल शराब के नशे में रहते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल की व्यवस्था सुधारने और जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करते हुए अनशन शुरू कर दिया। अब प्रशासन ने प्रिंसिपल को निलंबित करने पर सहमति जताई है।
स्कूल में चार शिक्षक और बच्चों के लिए बेंच
अभिजीत दिपके ने दोबारा गांव पहुंचकर अनशन कर रहे ग्रामीणों से मुलाकात की और उन्हें प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांगों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है और स्कूल में तत्काल चार शिक्षकों की नियुक्ति करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही बच्चों के बैठने के लिए बेंच भी स्कूल में पहुंच गई हैं। दिपके ने कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए केवल स्कूल भवन होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां पर्याप्त शिक्षक और जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत देश के कई राज्यों में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर आवाज उठाई जा रही है।
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बंगाल में अब्दुल के मामले का भी जिक्र
दिपके ने अभियान के दौरान बंगाल में हुई एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अब्दुल उनके साथ जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल था और ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू होने के बाद बंगाल जाकर स्कूलों का निरीक्षण कर रहा था। दिपके के अनुसार, अब्दुल के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की और जब उसके पिता बचाव के लिए पहुंचे तो उनकी भी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। हालांकि बंगाल पुलिस ने इस मामले को लेकर अलग जानकारी सामने रखी है। पुलिस के मुताबिक 13 अगस्त की रात इंडास में शेख अब्दुल हफीज उर्फ रिक के घर पर हमला हुआ था, जबकि उनके पिता शेख मोहम्मद मफीक को उस घटना में मामूली चोट लगी थी और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हुई।
पुलिस ने 8 आरोपियों को किया गिरफ्तार
बंकुड़ा पुलिस के मुताबिक, मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच की जा रही है और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शुरुआती एफआईआर में नामजद तीन लोग और बाद में पकड़े गए पांच अन्य आरोपी शामिल हैं। सभी आरोपियों को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, 15 अगस्त की सुबह मफीक को ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव के बाद बर्धमान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था और डॉक्टरों को कोई जानलेवा चोट नहीं मिली थी। पुलिस ने उनकी मौत को बर्बर हमले से जोड़कर फैल रही खबरों को गलत बताया है।












