भोपाल: निशातपुरा में 11 मकानों पर चला बुलडोजर, हाईकोर्ट के आदेश पर बड़ी कार्रवाई

भोपाल। करीब 35 साल पुराने अतिक्रमण को हटाने के लिए मंगलवार को प्रशासन की टीम मैदान में उतरी। अविनाश जौहरी की 0.75 एकड़ जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट के निर्देश के बाद स्थगन वाले पक्षकारों को छोड़कर बाकी मकानों पर कार्रवाई की गई।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
निशातपुरा में जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। बैरागढ़ एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव की मौजूदगी में चार पोकलेन मशीनों से प्राइवेट जमीन पर बने 11 मकानों को जमींदोज किया गया। किसी तरह का विरोध या हंगामा न हो, इसके लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
35 साल से था जमीन पर कब्जा
जानकारी के अनुसार, अविनाश जौहरी की करीब 0.75 एकड़ जमीन पर कई सालों से अतिक्रमण था। इस जमीन पर 11 मकान बनाए गए थे, जिनमें कुछ तीन मंजिला मकान भी शामिल थे। खास बात यह है कि अतिक्रमण वाली जमीन पर रजिस्ट्री होने के बाद निर्माण भी हो गया था। जौहरी ने अपनी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
11 मकान जमींदोज
जिला प्रशासन इससे पहले भी अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंचा था, लेकिन विरोध के चलते कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई शुरू की और चार पोकलेन मशीनों की मदद से 11 मकानों को हटाया गया।
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सरकारी जमीन पर फिलहाल कार्रवाई नहीं
मौके पर करीब 0.3 एकड़ सरकारी जमीन भी है, जिस पर अवैध कब्जे की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कुछ कब्जाधारियों के पक्ष में हाईकोर्ट का स्थगन आदेश होने के कारण फिलहाल उस हिस्से में कार्रवाई नहीं की गई। हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर, नगर निगम और पुलिस को निर्देश दिए थे कि जिन पक्षकारों को स्थगन प्राप्त है, उन्हें छोड़कर बाकी अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाए। इसी आदेश के तहत जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।












