‘ये तो गजब दिमागी हैं…’ महाकाल मंदिर के ब्रिज लोड टेस्ट पर ओवैसी का तंज, सांसद अनिल फिरोजिया ने किया पलटवार

उज्जैन। नागपंचमी से पहले उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। करीब 90-91 फीट लंबे ओवरब्रिज पर 300 से अधिक सिक्योरिटी गार्ड्स के एक साथ जंप करने का वीडियो वायरल हो रहा है। बताया गया कि यह प्रक्रिया पुल की मजबूती जांचने के लिए कराई गई थी। वीडियो पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा, जिसके बाद उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने उन्हें जवाब दिया।
ब्रिज पर एक साथ कूदे 300 से ज्यादा गार्ड
वायरल वीडियो में 300 से अधिक सिक्योरिटी गार्ड्स करीब 10 मिनट तक ओवरब्रिज पर एक साथ जंप करते दिखाई दे रहे हैं। यह ओवरब्रिज करीब 90 से 91 फीट लंबा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से पहले पुल की क्षमता और मजबूती जांचने के लिए यह प्रक्रिया कराई गई थी।
ओवैसी ने वीडियो शेयर किया
वीडियो सामने आने के बाद एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रिट्वीट करते हुए उज्जैन की व्यवस्थाओं पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, 'ये तो गजब के...दिमागी हैं' ओवैसी की इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किए गए 'दिमागी नक्सल' शब्द से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
सांसद अनिल फिरोजिया ने दिया करारा जवाब
ओवैसी की टिप्पणी पर भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया ने पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ओवैसी कितनी बार उज्जैन आए हैं और उन्हें यहां की परिस्थितियों और व्यवस्थाओं की कितनी जानकारी है। सांसद ने कहा कि पुल की मजबूती और उसकी टेस्टिंग की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लिए बिना टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
'जनता की सुरक्षा हमारा सबसे बड़ा धर्म'
अनिल फिरोजिया ने कहा कि पुल की अलग-अलग स्तर पर जांच कराने के बाद ही कर्मचारियों को उस पर जंप कराया गया। इस दौरान उनकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि यदि पुल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं तो किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी या दुर्घटना न हो, इसलिए पहले से उसकी क्षमता जांचना जरूरी है। सांसद ने कहा, जनता की सुरक्षा हमारा सबसे बड़ा धर्म है।
हर साल होती है ब्रिज की क्षमता की जांच
गौरतलब है कि यह कोई पहली बार की गई प्रक्रिया नहीं है। मंदिर समिति द्वारा पुल के निर्माण के बाद से हर साल इसी तरह इसकी मजबूती की जांच की जाती है। इस बार भी नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन शुरू होने से पहले 300 से अधिक सिक्योरिटी गार्ड्स को करीब 10 मिनट तक पुल पर एक साथ जंप कराया गया। परीक्षण के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल का सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है।












