जवान का शव ले जा रही एंबुलेंस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ट्रक में घुसी, हादसे में भाई-भतीजे समेत 4 की मौत

जिस बेटे के कंधे पर अपने शहीद पिता को अंतिम विदाई देने की जिम्मेदारी थी, उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि घर पहुंचने से पहले ही रास्ते में एक और बड़ा हादसा उसका इंतजार कर रहा है। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में रविवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर लेकर जा रही एंबुलेंस को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में शहीद के बेटे गौरव सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
चंडीगढ़ से देवरिया ले जाया जा रहा था पार्थिव शरीर
शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ से उनके पैतृक गांव देवरिया ले जाया जा रहा था। परिवार के लोग चाहते थे कि शहीद को उनके गांव ले जाकर पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाए। इसी वजह से उनके बेटे गौरव सिंह समेत परिवार के कुछ लोग एंबुलेंस के साथ चल रहे थे। एंबुलेंस में शहीद के बेटे गौरव सिंह, भाई राजन चौधरी, भतीजे राम समुझ सिंह और चालक जसपाल मौजूद थे। सभी लोग शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान के पार्थिव शरीर को लेकर गांव की ओर जा रहे थे। लेकिन सुलतानपुर पहुंचते ही यह सफर एक बड़े हादसे में बदल गया।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर
हादसा सुलतानपुर जिले के हलियापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस एक्सप्रेसवे के करीब 79.6 किलोमीटर के पास पहुंची थी। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने एंबुलेंस को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद एंबुलेंस में सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव का काम शुरू किया। हादसे में शहीद के बेटे गौरव सिंह और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, शहीद के भाई राजन चौधरी और भतीजे राम समुझ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
बेटे समेत चार लोगों की मौत से परिवार में मचा कोहराम
यह हादसा इसलिए और ज्यादा दुखद बन गया क्योंकि एंबुलेंस में शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर भी मौजूद था। परिवार के लोग उन्हें आखिरी बार उनके पैतृक गांव पहुंचाने के लिए सफर कर रहे थे। लेकिन रास्ते में ही शहीद के बेटे गौरव सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई। कुछ ही समय पहले परिवार शहीद पिता को अंतिम विदाई देने की तैयारी में था। हादसे के बाद उसी परिवार को चार और मौतों की खबर मिल गई। इस घटना की जानकारी जैसे ही परिवार और गांव के लोगों तक पहुंची, वहां मातम पसर गया। जिस घर में शहीद की अंतिम विदाई की तैयारियां होनी थीं, वहां एक साथ कई मौतों का दुख पहुंच गया।
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एंबुलेंस में मौजूद थे परिवार के सदस्य
हादसे के समय एंबुलेंस में शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान के परिवार के करीबी लोग मौजूद थे। इनमें उनके बेटे गौरव सिंह, भाई राजन चौधरी, भतीजे राम समुझ सिंह और चालक जसपाल शामिल थे। सभी लोग शहीद के पार्थिव शरीर को चंडीगढ़ से देवरिया लेकर जा रहे थे। परिवार के लिए यह सफर बेहद भावुक था, क्योंकि वे अपने बेटे और भाई को अंतिम बार गांव ले जा रहे थे। लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार के दुख को और बढ़ा दिया। अब शहीद की अंतिम यात्रा के साथ उनके बेटे, भाई और भतीजे की मौत का दुख भी जुड़ गया है।
पुलिस ने शुरू की अज्ञात वाहन की तलाश
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान के पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखवाया है। परिजनों को हादसे की जानकारी दे दी गई है। पुलिस अब उस वाहन की तलाश में जुटी है, जिसने एंबुलेंस को टक्कर मारी थी। अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास के इलाके और एक्सप्रेसवे पर मौजूद संभावित सुरागों की जांच की जा रही है। पुलिस हादसे की वजह और टक्कर के पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
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एक ही सफर में परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने एक परिवार को बेहद मुश्किल स्थिति में ला दिया है। जिस यात्रा की शुरुआत शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान को सम्मान के साथ उनके गांव पहुंचाने के लिए हुई थी, वही सफर परिवार के लिए एक और बड़े दुख में बदल गया। एक तरफ परिवार शहीद को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे गौरव सिंह, भाई राजन चौधरी, भतीजे राम समुझ सिंह और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौत हो गई। अब पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे परिवार और गांव में शोक का माहौल है। शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर पुलिस की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जा रही है।




















