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Panna News : 15 दिनों से रिहायशी इलाके में डेरा डाले बैठा था तेंदुआ, एक मकान में घुसा; वन विभाग ने पकड़ा, गांव में दहशत का माहौल

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Panna News : 15 दिनों से रिहायशी इलाके में डेरा डाले बैठा था तेंदुआ, एक मकान में घुसा; वन विभाग ने पकड़ा, गांव में दहशत का माहौल
पन्नामध्य प्रदेश के पन्ना जिले में उत्तर वन मंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र धरमपुर के ग्राम इचोलिया में एक तेंदुआ घर के अंदर घुस गया। जिससे गांव में हड़कंप और दहशत का माहौल है। आज सुबह खबर मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए हैं। तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए सतना से रेस्क्यू टीम को बुलाया गया है। जिस घर में तेंदुआ घुसा है, उसके आसपास लोगों की भारी भीड़ जमा है। धरमपुर वन परिक्षेत्र के अधिकारी नरेश ककोड़िया ने बताया कि इचोलिया गांव उत्तर प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है। आज सुबह लगभग 4 बजे जैसे ही तेंदुए के एक घर में घुसने की जानकारी मिली तो टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि जिस कच्चे घर में तेंदुआ घुसा, वहां बकरियां एक कमरे में बंधी हुई थीं। इनकी गंध से तेंदुआ यहां पर आया होगा।

15 दिनों से दहशत में थे ग्रामीण

ग्रामवासियों के मुताबिक, यह तेंदुआ 15 दिनों से यहीं आसपास घूम रहा है, कई बार मवेशियों के ऊपर हमला भी कर चुका है, जिससे गांव के लोग दहशत में हैं। बीते कुछ सालों में मध्य प्रदेश में जहां बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है, वहीं तेंदुओं की संख्या भी बढ़ी है। जबकि वन क्षेत्र तेजी से घट रहा है, यही वजह है कि वन्य प्राणी आबादी क्षेत्र के निकट पहुंचने लगे हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश में देश के 26 फीसदी से भी अधिक तेंदुए रहते हैं और यहां इनकी आबादी में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में तेंदुए और इंसानों के बीच टकराव भी बढ़ रहा है, जो चिंता की बात है। तेंदुए की आबादी के मामले में पहले स्थान पर है। तेंदुए जंगल के साथ-साथ इंसानी आबादी के करीब भी रहने में सहज हैं। इसलिए इंसान और तेंदुओं के बीच टकराव की आशंका अधिक है। जानकारों का कहना है कि पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र और उत्तर वन मंडल के जंगल से लगे डेढ़ सैकड़ा से भी अधिक गांव हैं, जहां हिंसक वन्य प्राणियों का खतरा बना रहता है। मौजूदा समय पन्ना टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, ऐसी स्थिति में यहां के बाघ अपने लिए इलाके की तलाश में बाहर निकल रहे है। बाघों के साथ तेंदुओं की तादाद भी बढ़ी है, लेकिन इनके रहने के लिए जंगल सुरक्षित नहीं बचा। इन हालातों को देखते हुए यह जरुरी हो गया है कि इनके रहने के स्थान को सुरक्षित रखा जाए। पन्ना सहित मध्य प्रदेश में जंगलों का जिस तरह तेजी से ह्रास हो रहा है, उससे इंसानों और जंगली जीवों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। ये भी पढ़ें- Dhar News : कुक्षी के ढोल्या गांव में मिला तेंदुए का शव, गाड़ी की टक्कर से मौत की आशंका
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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