पल्लवी वाघेला, भोपाल। रिजल्ट डेट को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह रील्स आ रही हैं। मेरी बेटी बेहद तनाव में है उसे लगता है कि वह अपने दोस्तों से पीछे न रह जाए। वह घबराकर कहती है कि रिजल्ट खराब आया तो स्कूल बदल देगी? मुझे समझ नहीं आ रहा है कि उसे कैसे समझाऊं। यह सवाल एक मां ने माशिमं हेल्पलाइन पर पूछा। जैसे-जैसे बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट की डेट नजदीक आ रही हैं माशिमं और सीबीएसई की हेल्पलाइन पर कॉल्स की संख्या भी बढ़ती नजर आ रही है। हेल्पलाइन से मिली जानकारी के अनुसार बच्चे और पेरेंट्स इस दौरान तनाव को हैंडल करने, स्ट्रीम और कॉलेज सिलेक्शन, रिजल्ट डेट के कंफर्मेशन, सेकंड एग्जाम की तैयारी और इमोशनल ब्रेकडाउन को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।
- सीबीएसई हेल्पलाइन पर 12वीं के स्टूडेंट ने पूछा कि उसे डर लग रहा है कि वह जेईई में सिलेक्ट हो गया लेकिन 12वीं में फेल हो गया तो क्या होगा? या यदि 12वीं में 75 प्रतिशत नहीं आए तो उसे मनपसंद कॉलेज नहीं मिल पाएगा।
काउंसलर ने बच्चे को समझाया कि जब उसके पेपर अच्छे गए हैं तो वह अभी रिजल्ट का इंतजार करे और धैर्य रखे। मामले में पैरेंट्स को भी बच्चे के लिए पॉजिटिव माहौल बनाने की हिदायत दी गई।
- माशिमं हेल्पलाइन पर पिता ने कॉल कर बताया कि बच्चा इन दिनों रिजल्ट आने की डेट सर्च करता रहता है। वह अजीब व्यवहार करने लगा है और चुपचाप रह रहा है।
काउंसलर ने तुरंत बच्चे की काउंसलिंग करवाने की हिदायत दी। बच्चे से बात की तो उसने कहा कि उसे डर है कि कम नंबर आए तो कहीं उसे अपनी पसंद की स्ट्रीम से हाथ न धोना पड़े। उसे समझाया गया कि अधिकांश स्कूल पूरे साल की परफॉर्मेंस के हिसाब से स्ट्रीम देते हैं। ऐसे में घबराए नहीं।
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हेल्पलाइन पर पहुंचे कॉल्स में रिजल्ट घोषित होने की डेट को लेकर सबसे ज्यादा कॉल हैं। अभिभावकों ने कहा कि सोशल मीडिया पर तारीख को लेकर कई तरह की खबरें वायरल हो रही हैं। बार-बार यह पैनिक माहौल उनकी चिंता बढ़ा रहा है। इसपर काउंसलर ने समझाया कि बोर्ड द्वारा आधिकारिक डेट घोषित करने तक सब्र रखें।
सीबीएसई हेल्पलाइन पर सबसे अधिक सवाल सेकंड एग्जाम को लेकर हैं। इसके रजिस्ट्रेशन का फर्स्ट पेज 31 मार्च को क्लोज हुआ है, लेकिन इसके पहले बच्चों में यह संशय बना रहा कि क्या रिजल्ट के बाद भी सेकंड एग्जाम के लिए अप्लाई कर पाएंगे। कुछ बच्चों ने पूछा कि वह अपना प्रतिशत बढ़ाने के लिए एग्जाम देना चाहते हैं, ऐसे में वह किन तीन विषयों की सेकंड एग्जाम दें।
हेल्पलाइन से मिली जानकारी के अनुसार माशिमं और सीबीएसई दोनों की हेल्पलाइन पर बीते दस दिन से हर रोज 500 से ज्यादा कॉल पहुंच रही हैं। इनमें बच्चों के साथ ही पेरेंट्स की कॉल भी शामिल हैं।
रिजल्ट को लेकर पैनिक न हों। अभिभावक इस वक्त बच्चों का खास ख्याल रखें। उनसे संवाद करें और दूसरों से तुलना करने से बचें। वहीं बच्चे अपने आगे की प्रिपरेशन पर ध्यान दें। दसवीं के बच्चों के पास इस साल दूसरा मौका है वो रिजल्ट आने के बाद चाहें तो इसमें भी बेहतर कर सकते हैं।
दिव्या दुबे मिश्रा, काउंसलर