सावन शिवरात्रि कल-पं. प्रदीप मिश्रा कराएंगे ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग अभिषेक; घर-घर गूंजेगा हर-हर महादेव, बनेगा नया रिकॉर्ड

सीहोर। सावन मास के पवित्र अवसर पर आगामी 11 अगस्त को शाम 7 बजे से 8 बजे तक देशभर के शहरों की रफ्तार थम जाएगी। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर इस दिन समूचा भारत और पूरा विश्व एक घंटे के लिए पूरी तरह शिवभक्ति में डूबा नजर आएगा। इस विशेष सावन शिवरात्रि के अवसर पर विश्वभर के श्रद्धालु अपने-अपने घरों में पार्थिव शिवलिंग बनाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। सीहोर के प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम से पंडित प्रदीप मिश्रा ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग अभिषेक संपन्न कराएंगे, जिससे जुड़कर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु एक साथ महादेव की आराधना करेंगे। विठलेश सेवा समिति के अनुसार, पिछले करीब 10 वर्षों से श्रद्धालु इस अनूठी ऑनलाइन पूजा में लगातार शामिल होते आ रहे हैं, जो सनातन आस्था का एक ऐतिहासिक स्वरूप बन चुका है।
पार्थिव शिवलिंग पूजन-अभिषेक के लिए सामग्री निर्धारित
श्रावणी शिवरात्रि के अवसर पर 11 अगस्त को शाम 7 बजे आयोजित ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं अभिषेक के लिए पूजन सामग्री निर्धारित की गई है। पूजन के लिए एक लोटा जल, गेहूं के 21 दाने, 5 कमल गट्टे, 108 अक्षत चावल, 21 काली मिर्च, काले तिल, धतूरा, 7 बेलपत्र, 7 शमी पत्र और फूल-गुलाब रखें। अभिषेक के लिए दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, इत्र, गंगाजल, चंदन, सुपारी, रोली, चावल, मौली, कपूर, घी के दीपक, जनेऊ, लौंग, इलायची, हल्दी, पान, सुपारी, फल, मिठाई और धूपबत्ती शामिल हैं।
इस साल एक अरब से अधिक सनातनियों के जुड़ने का अनुमान, पिछले साल बने थे कई रिकॉर्ड
पिछले कुछ वर्षों से पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर सावन शिवरात्रि की शाम को करोड़ों पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर पूजन किया जा रहा है। पिछले साल इस ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग पूजन में करीब 82 करोड़ शिवभक्तों ने हिस्सा लिया था, जबकि वर्ष 2021 में इस अनुष्ठान से 73 करोड़ श्रद्धालु जुड़े थे। इस वर्ष भक्तों में पिछले सालों से भी दोगुना उत्साह देखने को मिल रहा है। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने जानकारी दी है कि इस बार 11 अगस्त को एक अरब से अधिक सनातनी इस ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग पूजन और अनुष्ठान में शामिल होंगे। घरों से लेकर मंदिरों तक हर तरफ 'श्री शिवाय नमस्तुभ्यं', 'हर हर महादेव' और 'जय शिव शंकर' के जयकारे गूंजेंगे, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह से शिवमय हो जाएगा।
चितावलिया हेमा स्थित मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ रही भारी भीड़
जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर परिसर में इन दिनों भारी संख्या में भक्तों का तांता लगा हुआ है। हर रोज दूर-दूर से आ रहे श्रद्धालु कांवड़ लेकर पहुंच रहे हैं और भगवान शिव की भक्ति में सराबोर होकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास का पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया है। सावन मास की इस पावन बेला में देश के अलग-अलग कोनों से आ रहे शिवभक्तों की श्रद्धा देखते ही बनती है। कुबेरेश्वर धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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सीवन नदी तट से कुबेरेश्वर धाम तक उमड़ा आस्था का सैलाब, अब तक पहुंचे 12 लाख से अधिक श्रद्धालु
सावन मास में सीवन नदी के पवित्र तट से लेकर प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम तक इन दिनों आस्था का महासागर दिखाई दे रहा है। सोमवार को ही डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्तिभाव के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सावन मास में अब तक लगभग 12 लाख से अधिक श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती हुई इस संख्या को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष सावन और भादो मास के दौरान 50 लाख से अधिक श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंचेंगे। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कांवड़िए सीवन नदी तट से पवित्र जल लेकर पैदल ही कुबेरेश्वरधाम की ओर रवाना हो रहे हैं, जिससे पूरा मार्ग भक्ति और समर्पण का अद्भुत संगम बन गया है।
कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह सजे सेवा पंडाल
सीवन नदी तट से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक के पूरे मार्ग पर कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सेवा के लिए अनेक स्थानों पर सामाजिक तथा धार्मिक संगठनों द्वारा भव्य सेवा पंडाल लगाए गए हैं। इन सेवा पंडालों में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चाय, नाश्ता, फलाहार और महाप्रसादी की उत्तम व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, विठलेश सेवा समिति की ओर से भी कुबेरेश्वरधाम में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए निरंतर निशुल्क भोजन प्रसादी का वितरण किया जा रहा है। सेवा कार्यों में जुटे स्वयंसेवक पूरी तल्लीनता से शिवभक्तों की सेवा में लगे हुए हैं, जिससे तीर्थ पथ पर चलने वाले हर एक यात्री को आत्मीयता और सुखद अनुभूति प्राप्त हो रही है।
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