सावन के दूसरे सोमवार उज्जैन में निकली बाबा महाकाल की सवारी, जयकारों से गूंजा शहर; देखें भव्य नजारा

उज्जैन। सावन के दूसरे सोमवार पर उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी निकली। श्री महाकालेश्वर मंदिर से शुरू हुई इस सवारी को लेकर शहर में सुबह से ही भक्तों में उत्साह बना हुआ था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए सवारी मार्ग पर पहुंचे। जैसे-जैसे सवारी आगे बढ़ी, भक्तों ने हर-हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयकारे लगाए। पूरे रास्ते भक्ति का माहौल नजर आया। सावन के सोमवार पर बाबा महाकाल की सवारी उज्जैन की सबसे खास धार्मिक परंपराओं में शामिल है। मान्यता है कि सावन के दौरान बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इसी परंपरा के तहत आज श्रावण मास की दूसरी सवारी निकाली गई।
मंदिर से शुरू हुई बाबा महाकाल की सवारी
बाबा महाकाल की सवारी सोमवार शाम श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकली। सवारी को लेकर मंदिर और प्रशासन की ओर से पहले से तैयारियां की गई थीं। श्रद्धालु सवारी के दर्शन के लिए रास्ते में जगह-जगह खड़े रहे। बाबा की सवारी के साथ धार्मिक दल और भजन मंडलियां भी शामिल हुईं। ढोल-नगाड़ों और भजनों के बीच सवारी आगे बढ़ी। कई जगह श्रद्धालुओं ने बाबा का स्वागत किया और उनके दर्शन किए। आज की सवारी को लेकर उज्जैन में खास उत्साह इसलिए भी था क्योंकि यह सावन की दूसरी सवारी है। पहली सवारी 3 अगस्त को निकली थी।
इस बार हाथी को लेकर भी बदलाव
इस साल महाकाल की दूसरी सवारी से पहले हाथी को लेकर भी बदलाव चर्चा में रहा। हर साल सवारी में शामिल होने वाले हाथी श्यामू की जगह इस बार सुमा को शामिल किया गया है। यह बदलाव श्यामू की सेहत को लेकर सामने आई स्थिति के बाद किया गया। महाकाल की सवारी में हाथी की मौजूदगी लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा रही है। इस वजह से इस बार श्यामू की जगह सुमा को शामिल किए जाने पर भी लोगों की नजर रही।
रामघाट पहुंचेगी सवारी
बाबा महाकाल की सवारी अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए रामघाट पहुंचेगी। यहां शिप्रा नदी के तट पर बाबा का पूजन और जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद सवारी वापस श्री महाकालेश्वर मंदिर की ओर रवाना होगी। सवारी के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से भी इंतजाम किए गए हैं। सवारी मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई है।
देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी आस्था
सावन के दूसरे सोमवार पर सिर्फ उज्जैन ही नहीं, बल्कि देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम तक भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उज्जैन के महाकाल मंदिर में सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद शाम को दूसरी सवारी निकली। देश के दूसरे प्रमुख शिव मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तों की कतारें लगी रहीं।
आगे भी निकलेंगी महाकाल की सवारियां
सावन-भादौ के दौरान बाबा महाकाल की कुल छह प्रमुख सवारियां निकलेंगी। पहली सवारी 3 अगस्त को निकली थी और दूसरी सवारी आज 10 अगस्त को निकाली गई। इसके बाद 17, 24 और 31 अगस्त को सवारियां निकलेंगी। अंतिम राजसी सवारी 7 सितंबर को निकाली जाएगी। आज की सवारी के साथ एक बार फिर उज्जैन बाबा महाकाल की भक्ति में डूबा नजर आया। सवारी मार्ग पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और लगातार गूंजते जयकारों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।












