इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को सिंधु जल संधि को स्थगित करने पर कड़ी धमकी दी है। मंगलवार को इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान शरीफ ने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान की तरफ बहने वाला पानी रोकने की कोशिश करता है तो इसका निर्णायक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने इसे पाकिस्तान की “लाइफलाइन” बताते हुए किसी भी तरह के समझौते से इनकार किया।
शरीफ ने कहा कि दुश्मन (भारत) पाकिस्तान से एक बूंद पानी भी नहीं छीन सकता। आपने हमें पानी रोकने की धमकी दी। अगर ऐसा करने की कोशिश की तो पाकिस्तान आपको ऐसा सबक सिखाएगा, जिसे जिंदगीभर याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत पाकिस्तान के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
प्रधानमंत्री शरीफ से पहले पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भी भारत को युद्ध की धमकी दे चुके हैं। सोमवार को सिंध प्रांत की एक सरकारी कार्यक्रम में भुट्टो ने कहा था कि अगर भारत सिंधु जल संधि को निलंबित रखता है, तो पाकिस्तान के पास जंग के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उनका दावा था कि पाकिस्तान के लोग छह नदियों को वापस लेने के लिए लड़ने में सक्षम हैं।
इससे पहले पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने भी धमकी दी थी कि अगर भारत सिंधु नदी के पानी पर कोई बांध बनाता है, तो पाकिस्तान उसे 10 मिसाइलों से उड़ा देगा। ये बयान पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के बीच पानी को लेकर बढ़ती आक्रामक बयानबाजी को दर्शाता है।
सिंधु नदी प्रणाली में छह नदियां सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज शामिल हैं। यह इलाका 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है, जिसमें 47% पाकिस्तान, 39% भारत, 8% चीन और 6% अफगानिस्तान में है। भारत और पाकिस्तान के बीच पानी बंटवारे को लेकर लंबे विवाद के बाद 19 सितंबर 1960 को कराची में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 24 अप्रैल को 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता रोकने का ऐलान किया। सरकार का कहना था कि पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता है और ऐसे में इस समझौते को जारी रखना संभव नहीं है।
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