नहीं रहे मशहूर मूर्तिकार राम सुतार :100 साल की उम्र में निधन, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को दिया था आकार

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के शिल्पकार राम सुतार का नोएडा में 100 वर्ष की आयु में निधन। पद्म भूषण से सम्मानित राम सुतार ने महात्मा गांधी, छत्रपति शिवाजी और सरदार पटेल जैसी कई ऐतिहासिक मूर्तियां बनाई। उनके (Ram Sutar Passes Away) निधन से कला जगत में शोक की लहर।
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100 साल की उम्र में निधन, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को दिया था आकार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नोएडा। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) के शिल्पकार और प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार का लंबी बीमारी के बाद बुधवार देर रात 100 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने नोएडा, सेक्टर 19 स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन (Ram Sutar Passes Away) की जानकारी उनके बेटे अनिल सुतार ने गुरुवार को मीडिया को दी।

    अनिल सुतार ने कहा कि, गहरे दुख के साथ सूचित करते हैं कि मेरे पिता राम सुतार का 17 दिसंबर की मध्यरात्रि निधन हो गया। वह पद्म भूषण से सम्मानित थे और उनकी कला देश और दुनिया में अमर रहेगी।

    राम सुतार की प्रमुख उपलब्धियां

    राम सुतार ने भारतीय मूर्तिकला को नई ऊँचाई दी और कई प्रतिष्ठित मूर्तियां बनाई। उनकी कला की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।

    क्र.सं.

    मूर्ति / प्रोजेक्ट

    स्थान

    ऊंचाई / विशेषता

    1

    स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity)

    गुजरात, केवड़िया

    182 मीटर, दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा

    2

    महात्मा गांधी की ध्यान मुद्रा में प्रतिमा

    संसद भवन, नई दिल्ली

    प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मूर्ति

    3

    चंबल देवी की प्रतिमा

    गांधी सागर डैम, मध्य प्रदेश

    45 फीट ऊंची, चंबल नदी के बहाव का प्रतीक

    4

    छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमा

    पुणे

    100 फीट ऊंची मूर्ति

    5

    बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं

    भारत विभिन्न स्थान

    कई प्रतिष्ठित मूर्तियां

    6

    भगवान श्रीराम की विशाल प्रतिमा

    अयोध्या

    251 मीटर ऊंची प्रतिमा

    7

    वीणा प्रतिमा

    लता मंगेशकर चौक, अयोध्या

    सांस्कृतिक प्रतीक

    जीवन और करियर

    राम सुतार का जन्म 19 फरवरी 1925 को महाराष्ट्र के धुले जिले के गोंडूर गांव में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव मूर्तिकला की ओर था। उन्होंने मुंबई के जेजे स्कूल ऑफ आर्ट एंड आर्किटेक्चर से गोल्ड मेडल प्राप्त किया। उनकी प्रमुख कृतियों में संसद भवन में महात्मा गांधी की ध्यान मुद्रा में प्रतिमा और छत्रपति शिवाजी महाराज की घोड़े पर सवार प्रतिमा शामिल हैं। उन्होंने अजंता-एलोरा की प्राचीन गुफाओं में भी कई मूर्तियों का जीर्णोद्धार किया।

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    सम्मान और पुरस्कार

    • पद्म श्री (1999)
    • पद्म भूषण (2016)
    • महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार (महाराष्ट्र सरकार द्वारा)

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नवंबर 2025 में उन्हें महाराष्ट्र का सर्वोच्च नागरिक सम्मान महाराष्ट्र भूषण प्रदान किया था।

    स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

    स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है। इसकी कुल ऊंचाई 240 मीटर है, जिसमें 58 मीटर का बेस शामिल है। यह अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी से लगभग दोगुनी ऊंची है। राम सुतार की यह कृति भारतीय मूर्तिकला और इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना मानी जाती है।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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