Shivani Gupta
20 Jan 2026
हैदराबाद। BJP के साथ ‘मैच-फिक्सिंग’के आरोपों को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सख्ती से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव लड़ते रहेंगे और उनके खिलाफ फैल रही नफरत व लगाए जा रहे आरोप इस बात का संकेत हैं कि वे अपने लक्ष्य में सफल हो रहे हैं। ओवैसी के अनुसार, उनके विरोधियों को यह महसूस हो रहा है कि ओवैसी और AIMIM की मौजूदगी से राजनीतिक संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि मुस्लिम समुदाय को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए यदि राजनीतिक संतुलन बिगड़ता है, तो वे उससे पीछे नहीं हटेंगे।
ओवैसी ने बिहार का उदाहरण देते हुए पूछा कि जब उनकी पार्टी के चार विधायकों को तोड़ा गया था, तब क्या वह कोई नैतिक या गांधीवादी कदम था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विरोधी लगातार दोहरे मापदंड अपनाते हैं और जब वे खुद ऐसा करते हैं, तो उसे सही ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के दो हिस्से होने पर हंगामा खड़ा किया जाता है, लेकिन कर्नाटक और मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विधायक सरकार छोड़ते हैं तब..वही लोग आसमान सिर पर उठा लेते हैं।
ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी के चार विधायक तोड़े गए, इसके बावजूद AIMIM ने दोबारा चुनाव जीतकर मजबूती दिखाई। उन्होंने इसे पार्टी के प्रति जनता के भरोसे का प्रमाण बताया।
बिहार में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में AIMIM ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। इससे पहले 2020 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने पांच सीटें जीती थीं, लेकिन बाद में उसके चार विधायक टूटकर राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए थे।
हाल ही में हुए महाराष्ट्र निकाय चुनावों में AIMIM ने 125 वार्डों में जीत हासिल की। इससे पहले हुए निकाय चुनावों में पार्टी को 56 सीटों से संतोष करना पड़ा था। मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में AIMIM की राजनीतिक पकड़ पहले के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत हुई है।