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115 साल पुरानी सेंट्रल लाइब्रेरी में एक लाख किताबें, सुविधाएं बढ़ने पर सदस्य हुए 10 हजार

यह है भोपाल की सबसे पुरानी लाइब्रेरी, आज भी सहेज रखा है विज्ञान का अथाह भंडार
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115 साल पुरानी सेंट्रल लाइब्रेरी में एक लाख किताबें, सुविधाएं बढ़ने पर सदस्य हुए 10 हजार

लगभग 115 साल पुरानी सेंट्रल लाइब्रेरी में विभिन्न विषयों से संबंधित एक लाख से अधिक किताबों के रूप में ज्ञान का अथाह भंडार है। इसका निर्माण 1908 में भोपाल रियासत की बेगम सुल्तान जहां ने कराया था। फिलहाल सेंट्रल लाइब्रेरी में रोजाना 500 से ज्यादा स्टूडेंट रोज पहुंचते हैं, जबकि लाइब्रेरी की सदस्य संख्या 10 हजार है। नवाबी दौर में इस इमारत में कलाकृतियों, सजावटी सामान के साथ ही तमाम विषयों की किताबें रखी हुई हैं। लाइब्रेरी में विषय विशेषज्ञों, साहित्यकारों, कलाकारों, विचारकों, पत्रकारों, शिक्षाविदों समाजसेवियों को आमंत्रित कर विभिन्न मुद्दों पर विचार गोष्ठियां भी आयोजित की जाती हैं। बीते एक साल में यहां के 253 बच्चे सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में क्वालीफाई हो चुके हैं। खासतौर पर पीएससी, रेलवे, मेट्रो, बैंक आदि में नौकरी पा चुके हैं। वर्तमान में साल भर की रजिस्ट्रेशन फीस 1600 रुपए है। इनमें से 600 रुपए लाइब्रेरी और 1 हजार रुपए डिपॉजिट के रूप में लिया जाता है। 1 हजार रुपए एक साल पूरा होने पर वापस कर दिए जाते हैं। इसके अलावा अजायबघर के नाम से सेंट्रल लाइब्रेरी मशहूर रही है।

लाइब्रेरी में हैं आठ भाषाओं की किताबें

सेंट्रल लाइब्रेरी में हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, फारसी, अरबी, पंजाबी, बंगाली और कई भाषाओं में किताबें उपलब्ध हैं। ये किताबें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बेहद उपयोगी होती हैं। लाइब्रेरी में सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए न्यूनतम शुल्क पर विशेष कक्षाएं भी संचालित की जाती हैं। साल भर यहां नि:शुल्क ओरिएंटेशन, वर्कशॉप और मॉक टेस्ट आयोजित होते है।

1955 में अजायबघर का बदल गया था नाम

बेगम सुल्तान जहां ने 1908 में सेंट्रल लाइबेरी का निर्माण करवाया, जिसे किंग एडवर्ड के सम्मान में एडवर्ड म्यूजियम नाम दिया गया। 13 अगस्त 1955 में अजायब घर को सेंट्रल लाइब्रेरी का रूप दिया गया। किताबों को छोड़कर अजायबघर की दूसरी सामग्री राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय में भेज दी गई।

यहां पढ़ाई का माहौल अच्छा है

सेंट्रल लाइब्रेरी में पढ़ाई का बहुत अच्छा माहौल है। इसके अलावा लाइब्रेरी में सभी किताबें आसानी से मिल जाती हैं। यहां कम फीस में अच्छी सुविधा मिल रही है। मध्यमवर्गीय परिवार के स्टूडेंट्स यहां की सदस्यता आसानी से लेकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी आसानी से कर सकते हैं। -नितेश सोनी, स्टूडेंट्स

पुरातत्व विभाग करता है लाइब्रेरी का मेंटेनेंस

यह एक ऐतिहासिक इमारत है। पुरातत्व विभाग इसका मेंटेनेंस करता है। यहां स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लाइब्रेरी संचालित की जा रही है। यह इमारत एक धरोहर है, जिसका और अच्छे से मेंटेनेंस होना चाहिए। शहर के सैकड़ों बच्चे यहां पढ़ाई करने आते हैं। -रत्ना वाधवानी, क्षेत्रीय ग्रंथपाल सेंट्रल लाइब्रेरी

तैयारी के लिए पर्याप्त किताबें

मैं यहां पर पिछले दो साल से यूपीएससी की तैयारी करने आ रहा हूं। यहां एमपीपीएससी, यूपीएससी, बैंक, रेलवे, सीए, एसएससी के अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के उच्च स्तर की पठनीय सामग्री मौजूद है। -ऋतिक भावसार, स्टूडेंट्स

Javedakhtar Ansari
By Javedakhtar Ansari

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