कोरोना वायरस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। समय-समय पर इसके नए वैरिएंट सामने आते रहते हैं। हाल ही में अमेरिका में कोविड-19 का एक नया वेरिएंट चर्चा में आया है, जिसे ‘सिकाडा’ नाम दिया गया है। वैज्ञानिक भाषा में इसे BA.3.2 स्ट्रेन कहा जा रहा है, जो ओमिक्रॉन का ही एक सब-वेरिएंट माना जा रहा है। स्वास्थ्य एजेंसियों के मुताबिक यह वेरिएंट अमेरिका के कई राज्यों में फैल चुका है और दुनिया के कुछ अन्य देशों में भी इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है। नीचे जानते हैं इस नए वेरिएंट से जुड़ी अहम जानकारी।
अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार इस वेरिएंट के संकेत वेस्टवॉटर सैंपल्स में भी मिले हैं। इन सैंपल्स के जरिए वैज्ञानिक यह पता लगाते हैं कि किसी इलाके में वायरस का फैलाव कितना है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कैलिफोर्निया, फ्लोरिडा, न्यूयॉर्क और इलिनॉय जैसे राज्यों में इसके संकेत पाए गए हैं। पहली बार इस वेरिएंट का मामला जून 2025 में सामने आया था, जब नीदरलैंड्स से आए एक यात्री में यह संक्रमण पाया गया था।
इस वेरिएंट को ‘सिकाडा’ नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह लंबे समय तक छिपे रहने के बाद अचानक सामने आया है। ठीक उसी तरह जैसे सिकाडा नाम का कीड़ा कई साल तक जमीन के अंदर रहने के बाद अचानक बाहर निकलता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस स्ट्रेन में लगभग 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे पहले के कई वेरिएंट्स से अलग बनाते हैं।
फिलहाल विशेषज्ञों का कहना है कि इस वेरिएंट के लक्षण लगभग वही हैं जो अन्य कोविड वेरिएंट्स में देखे गए हैं। इनमें शामिल हैं-
जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के विशेषज्ञ एंड्रयू पेकोज़ के अनुसार इस वेरिएंट में काफी ज्यादा म्यूटेशन हैं, इसलिए यह इम्यून सिस्टम को अलग तरीके से प्रभावित कर सकता है।
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एपिडेमियोलॉजिस्ट साइरा मदाद के मुताबिक अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि यह वेरिएंट पहले के मुकाबले ज्यादा गंभीर बीमारी पैदा कर रहा है। हालांकि वैज्ञानिक इसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
कुछ शुरुआती स्टडीज में यह सामने आया है कि यह स्ट्रेन एंटीबॉडी से बच निकलने की क्षमता रख सकता है। यानी यह सवाल उठ रहा है कि मौजूदा वैक्सीन इसके खिलाफ कितनी प्रभावी साबित होंगी। इस पर अभी शोध जारी है और वैज्ञानिक इसकी पूरी तरह जांच कर रहे हैं।
स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार लक्षण भले ही सामान्य हों, लेकिन संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है।