उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका:6 बागी सांसदों के शिंदे गुट में विलय को स्पीकर ओम बिरला ने दी मंजूरी

6 सांसदों ने लोकसभा सचिवालय में औपचारिक आवेदन देकर शिंदे गुट में शामिल होने की मान्यता मांगी थी। स्पीकर की मंजूरी के बाद अब उन्हें आधिकारिक रूप से शिवसेना (शिंदे) का सदस्य माना जाएगा।
लोकसभा स्पीकर ने आवेदन को दी मंजूरी
उद्धव ठाकरे गुट से अलग हुए छह सांसदों ने लोकसभा सचिवालय में आवेदन देकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की मान्यता मांगी थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यालय ने इस आवेदन को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही संसद में इन सांसदों की नई राजनीतिक पहचान आधिकारिक रूप से दर्ज हो गई।
रोज खाते हैं ब्रेड-बिस्कुट? तो हो जाएं सावधान! जानिए इसके फायदे-नुकसान और बेहतर विकल्प
उद्धव गुट के लिए बड़ा झटका!
इस फैसले के बाद लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) और शिवसेना के प्रतिनिधित्व का संतुलन बदल गया है। अब उद्धव ठाकरे गुट के पास केवल तीन सांसद रह गए हैं। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर
राजनीतिक जानकार इस फैसले को शिंदे गुट के लिए बड़ी मजबूती और उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं। संसद में बदली संख्या का असर आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी दिखाई दे सकता है। इस फैसले के बाद दोनों गुटों के बीच सियासी मुकाबला और तेज होने की संभावना है।
HDFC Bank: मुनाफा 5% बढ़कर ₹19,060 करोड़, नेट इंटरेस्ट इनकम में 6.7% की बढ़ोतरी
लोकसभा चुनाव के बाद बदला समीकरण
बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने नौ सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के खाते में सात सीटें आई थीं। अब छह सांसदों के विलय को मान्यता मिलने के बाद संसद में शिंदे गुट का प्रतिनिधित्व पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गया है।












