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एक बटन और खत्म हो सकती है दुनिया...परमाणु ताकत में कौन कितना शक्तिशाली? जानें भारत- पाकिस्तान का स्थान

एशिया आज परमाणु हथियारों के मामले में तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बन गया है। इस महाद्वीप में कई परमाणु संपन्न देश मौजूद हैं, जो वैश्विक सुरक्षा समीकरण को प्रभावित करते हैं।
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परमाणु ताकत में कौन कितना शक्तिशाली? जानें भारत- पाकिस्तान का स्थान

दुनिया में सुरक्षा और शांति की बातों के बीच आज भी परमाणु हथियार सबसे बड़ा खतरा बने हुए हैं। अगर वैश्विक स्तर पर देखें तो अमेरिका और रूस के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं। माना जाता है कि दुनिया के कुल परमाणु हथियारों का करीब 86% से 90% हिस्सा इन्हीं दोनों देशों के पास केंद्रित है।

रूस के पास लगभग 5400 से 5500 परमाणु हथियार हैं, जिससे वह दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शक्ति संपन्न देश बन जाता है। वहीं अमेरिका भी बड़ी संख्या में परमाणु हथियारों के साथ वैश्विक शक्ति संतुलन का अहम हिस्सा बना हुआ है।

यूरोप में केंद्रित है सबसे बड़ा परमाणु जखीरा

यूरोप को आमतौर पर शांति और विकास का प्रतीक माना जाता है, लेकिन परमाणु हथियारों के मामले में यह बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। इसका बड़ा कारण रूस है, जिसका भूभाग यूरोप तक फैला हुआ है और उसके हथियारों का बड़ा हिस्सा भी इसी क्षेत्र में मौजूद है। यूरोप में रूस के अलावा फ्रांस और ब्रिटेन भी परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं।

इसके अलावा नाटो के तहत अमेरिका ने जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड और तुर्किए जैसे देशों में अपने रणनीतिक परमाणु हथियार तैनात कर रखे हैं।

यह भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका डील के बाद पाकिस्तान से नई धमकी : बिलावल भुट्टो बोले- ‘हम भारत को पानी के मुद्दे पर…’

एशिया बना तेजी से बढ़ता परमाणु केंद्र

एशिया आज परमाणु हथियारों के मामले में तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बन गया है। इस महाद्वीप में कई परमाणु संपन्न देश मौजूद हैं, जो वैश्विक सुरक्षा समीकरण को प्रभावित करते हैं।

एशिया के प्रमुख देश :

  • चीन: 600 से अधिक परमाणु हथियार
  • भारत: लगभग 180–190 हथियार
  • पाकिस्तान: लगभग 170 हथियार

दुनिया में 12,000 से ज्यादा परमाणु हथियार

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) और फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट (FAS) जैसी संस्थाओं के अनुसार, दुनिया में कुल मिलाकर 12,000 से ज्यादा परमाणु हथियार मौजूद हैं। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हथियार इतनी विनाशकारी क्षमता रखते हैं कि किसी भी बड़े संघर्ष की स्थिति में यह मानव सभ्यता के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

SIPRI और FAS की रिपोर्ट के अनुसार ये हथियार किसी भी बड़े युद्ध में विनाशकारी साबित हो सकते हैं।
वैश्विक संस्थाएं लगातार निगरानी करती हैं SIPRI और FAS जैसी संस्थाएं हर साल परमाणु हथियारों का डेटा जारी कर दुनिया को खतरे से आगाह करती हैं।

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परमाणु हथियार से कैसे ताकतवर बनते हैं देश

रूस

  • रूस दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु शक्ति है और उसके पास लगभग 5,420 परमाणु हथियार मौजूद हैं।
  • इनमें से करीब 4,400 हथियार सक्रिय सैन्य भंडार का हिस्सा हैं।
  • रूस के पास पूर्ण परमाणु त्रिगुण (Nuclear Triad) क्षमता है, जिसमें भूमि आधारित मिसाइलें, परमाणु पनडुब्बियां और रणनीतिक बमवर्षक विमान शामिल हैं।
  • देश ने लगभग 1,796 परमाणु हथियार उच्च परिचालन सतर्कता (High Alert) पर तैनात कर रखे हैं।
  • दुनिया में सबसे बड़ा परमाणु शस्त्रागार होने के कारण रूस वैश्विक रणनीतिक संतुलन में सबसे अहम भूमिका निभाता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)

  • अमेरिका के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा परमाणु भंडार है, जिसमें कुल लगभग 5,042 परमाणु हथियार शामिल हैं।
  • इनमें से करीब 3,700 हथियार सक्रिय स्थिति में हैं, जबकि लगभग 1,770 हथियार डिलीवरी सिस्टम पर तैनात रहते हैं।
  • अमेरिका पहला देश था जिसने मैनहट्टन प्रोजेक्ट के तहत परमाणु हथियार विकसित किए।
  • यह एकमात्र देश है जिसने युद्ध के दौरान परमाणु हथियारों का सक्रिय उपयोग किया है।

चीन

चीन दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी परमाणु शक्ति है और इसका भंडार तेजी से बढ़ रहा है। 2026 तक इसके पास लगभग 620 परमाणु हथियार होने का अनुमान है। चीन लगातार नए मिसाइल साइलो और रणनीतिक क्षमताएं विकसित कर रहा है, इसका उद्देश्य अमेरिका और रूस के साथ परमाणु संतुलन स्थापित करना है।

फ्रांस

  • फ्रांस के पास लगभग 370 परमाणु हथियार हैं, जिनमें से करीब 280 सक्रिय रूप से तैनात हैं।
  • देश की परमाणु रणनीति मुख्य रूप से नौसेना आधारित प्रतिरोध क्षमता पर निर्भर करती है।
  • फ्रांस के पास परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां हैं।
  • यह यूरोप की प्रमुख परमाणु शक्ति में से एक है।

यूनाइटेड किंगडम (UK)

  • ब्रिटेन के पास लगभग 225 परमाणु हथियार हैं, जिनमें करीब 120 हाई अलर्ट पर रहते हैं।
  • इसके सभी सक्रिय हथियार पनडुब्बी-आधारित प्रणाली पर केंद्रित हैं।
  • UK ने हाल के वर्षों में अपने परमाणु आंकड़ों की सार्वजनिक पारदर्शिता कम की है।
  • यह नाटो का महत्वपूर्ण परमाणु सदस्य देश है।

भारत

  • भारत की पहले इस्तेमाल न करने (No First Use) की नीति है।
  • 2026 तक भारत के पास लगभग 190 परमाणु हथियार होने का अनुमान है।
  • भारत ने 1974 में ‘स्माइलिंग बुद्धा’ नाम से पहला परमाणु परीक्षण किया था।
  • देश की रणनीति पूरी तरह जवाबी कार्रवाई पर आधारित है।

पाकिस्तान

  • पाकिस्तान के पास लगभग 170 परमाणु हथियार होने का अनुमान है।
  • यह अपने परमाणु भंडार को भारत के साथ रणनीतिक संतुलन के रूप में देखता है।
  • पाकिस्तान की कोई आधिकारिक No First Use नीति नहीं है।
  • इसका परमाणु सिद्धांत मुख्य रूप से डिटरेंस (निवारण) पर आधारित है। 

इजराइल

  • इजराइल ने अपनी परमाणु क्षमता पर हमेशा रणनीतिक अस्पष्टता की नीति अपनाई है।
  • अनुमान है कि इसके पास लगभग 90 परमाणु हथियार मौजूद हैं।
  • देश न तो परमाणु हथियारों की पुष्टि करता है और न ही इनकार।

उत्तर कोरिया

  • इसे पश्चिम एशिया की एक अनौपचारिक परमाणु शक्ति माना जाता है।
  • उत्तर कोरिया के पास सबसे छोटा लेकिन सक्रिय परमाणु शस्त्रागार है।
  • 2026 तक इसके पास लगभग 60 परमाणु हथियार होने का अनुमान है।
  • देश लगातार मिसाइल और परमाणु परीक्षण करता रहता है, इसका उद्देश्य अपनी सैन्य ताकत और रणनीतिक दबाव बनाए रखना है।
Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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