भीगा पूर्वी मप्र-डिंडौरी में 9 घंटे में 6 इंच पानी; कच्चा मकान ढहने से मासूम की मौत, बालाघाट में सवा 2 इंच बरसा, उमरिया में जोहिला डेम के 6 गेट खोले

जबलपुर/डिंडौरी। मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मानसून के उग्र रूप धारण करते ही जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। डिंडौरी में शनिवार रात से रविवार सुबह तक महज 9 घंटे के भीतर 6 इंच बारिश दर्ज की गई। मूसलाधार बारिश से नर्मदा, खरमेर, बंजर और महानदी जैसी प्रमुख नदियां-नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है।
हादसा और राहत कार्य

गाड़ासरई क्षेत्र के करौंदा गांव में अचानक कच्चा मकान ढह जाने से 7 वर्षीय मासूम राजा पिता विश्राम की मौत हो गई। नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर प्रशासन ने नदी किनारे से 7 परिवारों को सुरक्षित निकालकर रैन बसेरे में शिफ्ट किया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया और एसपी आशीष खरे ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
सड़क संपर्क ठप और गंभीर लापरवाही

डिंडौरी का जबलपुर और मंडला से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। खरमेर नदी का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग के पुल के ऊपर से बह रहा है। सुरक्षा व्यवस्था न होने से लोग जोखिम उठाकर बहते पानी को पार करते दिखे।
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करोड़ों के नुकसान की आशंका

प्रशासनिक लापरवाही के कारण खुले में रखा करीब 50 ट्रक धान बारिश में भीग गया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। बालाघाट में भी रविवार को सवा दो इंच से अधिक बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। मंडला में 2.33 इंच बारिश से शिमला मिर्च की फसल तबाह हो गई है। हालांकि, नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में दो दिन से हो रही बारिश के चलते तेंदूखेड़ा-बरमान मार्ग पर डोभी के पास पांडाझिर नदी का पुल पानी में डूब गया। इसके चलते बरमान-तेंदूखेड़ा मार्ग बंद करना पड़ा। वहीं सुआतला-बिलहरा मार्ग पर भी बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया। लंबे समय बाद हुई इस बारिश से खेतों में भी पानी भर गया है। इस बारिश ने धान, मक्का, अरहर और सोयाबीन की फसलों को नया जीवन दिया है।
उमरिया में जोहिला डैम के 6 गेट खुले

मौसम विभाग ने 13 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। उमरिया जिले के जोहिला डैम के सभी 6 गेट खोल दिए गए हैं और निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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नदी किनारे पुलिस और राजस्व की टीम तैनात
‘लोगों को पहले ही अलर्ट किया जा चुका है। नदी किनारे पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें तैनात हैं और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।’
अंजू पवन भदौरिया, कलेक्टर, डिंडौरी












