इंदौर की NEET छात्रा की मौत पर रहस्य बरकरार:इन पैसों से डिनर कर लेना..." निक्की के आखिरी शब्दों ने बढ़ाए मौत का राज

रैपिडो चालक ने पुलिस को बताया- 85 किमी का सफर रही खामोश, नर्मदा पुल पर उतरी; बैग और मोबाइल अब भी लापता, हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस
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इन पैसों से डिनर कर लेना..." निक्की के आखिरी शब्दों ने बढ़ाए मौत का राज

इंदौर। इंदौर की 20 वर्षीय छात्रा निक्की यादव की संदिग्ध मौत की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब पुलिस पूछताछ में रैपिडो बाइक चालक ने उस रात की पूरी कहानी बताई है। चालक के अनुसार निक्की पूरे रास्ते लगभग खामोश रही। यात्रा समाप्त होने पर उसने किराया चुकाया और बचे हुए 350 रुपये वापस लेने से इनकार करते हुए कहा, "इन पैसों से आप डिनर कर लेना।" निक्की के ये शब्द अब जांच का अहम हिस्सा बन गए हैं। करही थाना प्रभारी राजेंद्र इंगले ने बताया कि 30 वर्षीय रैपिडो चालक गुरदीप को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उसका विस्तृत बयान दर्ज किया गया है। फिलहाल उसे छोड़ दिया गया है, जबकि पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।

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85 किलोमीटर का सफर, लेकिन पूरे रास्ते रही खामोश

पुलिस के अनुसार प्रतियोगी परीक्षा देने के बाद निक्की यादव ने इंदौर रेलवे स्टेशन के बाहर से रैपिडो बाइक बुक की थी। उसने बड़वाह के पास दादा दरबार स्थित नर्मदा पुल तक जाने के लिए बाइक ली। करीब 85 किलोमीटर के पूरे सफर के दौरान वह बेहद शांत रही और उसने रास्ते में किसी से मोबाइल पर बात भी नहीं की। रैपिडो चालक ने पुलिस को बताया कि यात्रा के दौरान निक्की ने अपने मोबाइल कवर से 100 रुपये निकालकर उसे पानी की बोतल लाने के लिए दिए। जब वह पानी लेकर वापस लौटा तो निक्की एक किताब पढ़ रही थी। इसके बाद दोनों फिर गंतव्य की ओर रवाना हो गए।

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रात साढ़े 11 बजे पुल के पास उतरी

चालक गुरदीप के अनुसार रात करीब 11:30 बजे उसने निक्की को दादा दरबार स्थित नर्मदा पुल के पास उतारा। उसने निक्की से पूछा कि यदि उसे किसी कॉलोनी या किसी के घर जाना हो तो वह आगे भी छोड़ सकता है, लेकिन निक्की ने इससे इनकार कर दिया। रैपिडो का कुल किराया 1,650 रुपये हुआ था। निक्की ने चालक को 2,000 रुपये दिए। जब चालक ने छुट्टे नहीं होने की बात कही तो निक्की ने मुस्कुराते हुए कहा, "बाकी रुपये आप रख लीजिए... इनसे डिनर कर लेना।" इसके बाद वह अपना छोटा बैग और मोबाइल लेकर अकेले वहां से चली गई।

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बैग और मोबाइल अब तक नहीं मिले

पुलिस के अनुसार अगले दिन निक्की का शव पीटामली के पास नर्मदा नदी में मिला। यह स्थान उस जगह से करीब पांच किलोमीटर दूर है, जहां रैपिडो चालक ने उसे छोड़ा था। हालांकि अब तक निक्की का बैग और मोबाइल बरामद नहीं हो सके हैं, जिससे मामले की गुत्थी और उलझ गई है।

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सीडीआर और अन्य साक्ष्य खंगाल रही पुलिस

थाना प्रभारी ने बताया कि जांच के तहत रैपिडो चालक की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि निक्की के आखिरी घंटों में क्या हुआ और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। दूसरी ओर निक्की के परिजनों ने इस मामले में अपहरण और हत्या की आशंका जताई है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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