सीजफायर बेअसर!अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पटलवार, कुवैत से बहरीन तक US ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

तेहरान। मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हाल ही में युद्धविराम (सीजफायर) की कोशिशों के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले करने का दावा किया है। अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहरा गई है।
अमेरिका ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर किया हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की। अमेरिका का कहना है कि, यह हमला एक तेल टैंकर पर हुए कथित ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में किया गया।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, निशाने पर ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट, ड्रोन स्टोरेज, एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, संचार नेटवर्क और सैन्य निगरानी ढांचे थे। अमेरिका का दावा है कि, इन ठिकानों का इस्तेमाल समुद्री सुरक्षा को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा था।
ईरान का दावा- 8 सैन्य ठिकानों को किया तबाह
अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही घंटे बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी सैन्य अभियान चलाने का दावा किया। IRGC के अनुसार रविवार तड़के करीब 2 बजे से 3 बजे के बीच उसकी नेवी और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका के आठ प्रमुख सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। ईरान ने दावा किया कि, इस अभियान में कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस और बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि अमेरिका ने कहा है कि, फिलहाल किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने या बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
IRGC ने अमेरिका पर लगाया सीजफायर तोड़ने का आरोप
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने हालिया युद्धविराम समझौते का कई बार उल्लंघन किया है। IRGC का कहना है कि, अमेरिकी सेना ने ईरान की पांच तटीय चौकियों पर हमला किया। ईरान के मुताबिक यह कार्रवाई एक संदिग्ध जहाज को रोकने की घटना को बहाना बनाकर की गई। ईरान ने चेतावनी दी कि, भविष्य में किसी भी सैन्य कार्रवाई का पहले से ज्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का सख्त संदेश
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। IRGC ने कहा कि, एक अंतरिम समझौते के तहत होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी अब ईरान के पास है। यदि कोई जहाज तय नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ पहले से अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया के सबसे व्यस्त तेल व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट में लगातार तनाव बना हुआ है।
ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि, अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और तटीय रडार ठिकानों को निशाना बनाया है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि, ईरान लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि, अगर ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकता तो अमेरिका और भी बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ऐसा कदम उठाएगा जिससे ईरान का अस्तित्व तक खतरे में पड़ सकता है।
तेल टैंकर पर हमले से और बढ़ा विवाद
तनाव की शुरुआत होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर हुए हमले के बाद और बढ़ गई। अमेरिका का आरोप है कि, ईरान ने ड्रोन के जरिए तेल टैंकर को निशाना बनाया। जहाज को नुकसान पहुंचा लेकिन वह आगे बढ़ने में सफल रहा। वहीं ईरान का कहना है कि, उसने केवल समुद्री नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाज के खिलाफ कार्रवाई की थी और इसके बाद अमेरिका ने सैन्य हमला कर हालात बिगाड़ दिए।
बहरीन और कुवैत में अलर्ट
ईरानी हमलों के दावों के बाद बहरीन और कुवैत में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। कुवैत ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कोशिश कर रही है। बहरीन में भी मिसाइल चेतावनी सायरन बजाए गए और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
ओमान समेत कई देशों ने जताई चिंता
बहरीन पर कथित ड्रोन हमले के बाद ओमान ने इसकी निंदा करते हुए बहरीन की संप्रभुता और सुरक्षा के समर्थन का ऐलान किया। इससे पहले कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात भी क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जता चुके हैं। सभी देशों ने शांति बनाए रखने और संघर्ष रोकने की अपील की है।
पिछले कुछ दिनों में कैसे बढ़ा विवाद?
23 जून: होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री मार्ग को लेकर विवाद गहराया।
25 जून: ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज पर संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ।
26 जून: अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर हवाई हमले किए।
27 जून: ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया और होर्मुज में एक अन्य तेल टैंकर पर हमला होने की खबर सामने आई।
28 जून: अमेरिका ने 10 ईरानी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की, जबकि ईरान ने बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया।











