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सुकून महसूस करने के लिए पसंद की जा रही जंगल में नाइट ट्रैकिंग और कैंपिंग

एक से तीन दिन की शॉर्ट ट्रिप हो रहीं प्लान, रिवर क्रॉसिंग और ट्रैक बने पसंद
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सुकून महसूस करने के लिए पसंद की जा रही जंगल में नाइट ट्रैकिंग और कैंपिंग

प्रीति जैन- छोटी-छोटी ट्रिप कई दिनों की थकान को मिटा देती है, और वो भी जब कुछ एडवेंचरस करने का मौका मिले। शहर के शोर-शराबे से दूर पहाड़ियों, जंगलों की गहराईयों को नापते हुए और ठंडी रेत पर चलते हुए दिल-दिमाग तरोताजा हो जाता है। एक से लेकर तीन दिन तक की ऐसी ट्रिप शहर के एडवेंचर ग्रुप लोगों के लिए प्लान कर रहे हैं, ताकि वे वीकएंड पर फैमिली, फ्रेंड्स या अकेले ही नए लोगों के साथ घूम-फिर सकें। इसके लिए देलावाड़ी, रातापानी, नरसिंहगढ़, तामिया, बांद्राभान जैसी जगहों पर ट्रैकिंग और नाइट कैंप लगाए जा रहे हैं।

ट्रैकिंग, रेत और रिवर क्रॉसिंग : होशंगाबाद जिले में स्थित बांद्राभान पर्यटकों को लुभा रहा है। यहां पर नर्मदा और तवा नदी का संगम स्थल है और यहां रेत पर चलना लोगों को बहुत पसंद आता है। यह जगह उन्हीं लोगों के लिए अच्छी है जो सुकून महसूस करना चाहते है। यहां रिवर क्रॉसिंग और ट्रैकिंग भी कराई जाती है।

मिनी कश्मीर को लोग कर रहे एक्सप्लोर

नरसिंहगढ़ को मिनी कश्मीर भी कहा जाता है। जिन लोगों को जंगल में ट्रैक करना होता है, उन्हें शनिवार रात को निकलना होता है और रात को कैंप करके सुबह वापस आ सकते हैं। इस जगह पर सहस्त्रधारा, नादिया पानी, शिव मंदिर और गुफाओं को एक्सप्लोर करना है तो दो दिन का ट्रिप होता है। यहां रास्ते में सांका श्याम की छत्री भी बहुत पॉपुलर जगह है। साथ में लंच से लेकर डिनर तक का पूरा इंतजाम होता है।

पातालकोट और पचमढ़ी की अनसीन लोकेशंस

पातालकोट के जंगल बहुत गहराई में हैं इसलिए इस जगह का नाम पातालकोट पड़ा। यहीं तामिया वैली का विहंगम नजारा देखकर पर्यटक हैरान रह जाते हैं। ट्रैकर्स ग्रुप यहां सतपुड़ा के जंगल की गहराईयों में पर्यटकों को लेकर जाते हैं। वहीं पचमढ़ी में ट्रैकर्स को वनश्री वैली, डचेज फॉल ले जाया जाता है लेकिन यहां बहुत ज्यादा पैदल चलते हुए गहराई में उतरना होता है और कई बार तो धूप तक इन जंगलों में नहीं पहुंचती।

हमारे साथ वहीं लोग जाना पसंद करते हैं, जिन्हें रास्ते में अपना समय सेल्फी लेने में बेकार नहीं करना होता। जो हरियाली और जंगल को महसूस करना चाते हैं। जो लोग कुछ जानने के उत्सुक होते हैं। इन जगहों पर ध्यान लगाकर चलना होता है क्योंकि हम जंगलों की गहराई में उतरते हैं तो संभलकर चलना होता है। कार्पोरेट सेक्टर के कर्मचारियों के अलावा एचआर एक्टिविटी के लिए भी जाते हैं। -संजय मधुप, ग्रीन एडवेंचर

हम लोगों को उन जगहों पर लेकर जाते हैं, जो कि अमूमन आम लोगों को पता नहीं होती। हमारा इन जगहों पर ग्रामीणों व गाइड के साथ संपर्क रहता है। पचमढ़ी में रेगुलर विजिट वाली जगहों पर न जाकर वनश्री, डचेस फॉल या पातालकोट की वैली में लोगों को लेकर जाते हैं। नाइट कैंप भी यहां करते हैं तो अलग ही अनुभव लोगों को मिलता है। -अभिषेक शर्मा, डेविल्स एडवेंचर

People's Reporter
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