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NEET पेपर लीक पर संसदीय समिति :हमें चीन- अमेरिका से सीखने की जरूरत, कारखानों ने काम रोका, सड़कों पर सन्नाटा

संसदीय समिति ने NEET-UG परीक्षा को साल में सिर्फ एक बार आयोजित करने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। सदस्यों ने सुझाव दिया कि परीक्षा साल में दो या तीन बार कराई जानी चाहिए ताकि छात्रों को कई अवसर मिल सकें।
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हमें चीन- अमेरिका से सीखने की जरूरत, कारखानों ने काम रोका, सड़कों पर सन्नाटा
नीट यूजी री- एग्जाम से पहले भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने एक खास वीडियो शेयर किया

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) के अधिकारियों ने बुधवार को संसदीय समिति के सामने परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह और NMC के अध्यक्ष अभिजात शेठ शामिल हुए। समिति ने परीक्षा प्रक्रिया को और पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए कई अहम सुझाव दिए।

अमेरिका-चीन की परीक्षा प्रणाली से सीखने की सलाह

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने कहा कि भारत को अमेरिका और चीन जैसे देशों की परीक्षा व्यवस्था से सीखने की जरूरत है। उनका कहना था कि इन देशों में बड़े स्तर पर परीक्षाएं आयोजित होती हैं, लेकिन शिकायतें बेहद कम सामने आती हैं। सदस्यों ने सुझाव दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जा रहे बेहतर मॉडल और तकनीकों को भारतीय परीक्षा प्रणाली में शामिल किया जाए ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके।

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गाओकाओ परीक्षा से जुड़ा खास वीडियो किया शेयर

इसी बीच भारत में चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गाओकाओ परीक्षा से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा कि गाओकाओ दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा है और यह भारत की JEE तथा NEET परीक्षा का संयुक्त स्वरूप है। उनके अनुसार दो दिनों में करीब 1.3 करोड़ छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया। परीक्षा के दौरान कई कारखानों ने काम रोक दिया और सड़कों पर सन्नाटा छा गया ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।

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साल में 2-3 बार NEET कराने का सुझाव

संसदीय समिति ने NEET-UG परीक्षा को साल में सिर्फ एक बार आयोजित करने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। सदस्यों ने सुझाव दिया कि परीक्षा साल में दो या तीन बार कराई जानी चाहिए ताकि छात्रों को कई अवसर मिल सकें। उनका मानना है कि एक ही परीक्षा पर भविष्य निर्भर होने से छात्रों पर अत्यधिक मानसिक दबाव बनता है। यह मांग पहले भी उठ चुकी है, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।

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तनाव- डिप्रेशन से जुझ रहे छात्रों की मदद करें सरकार

बैठक में छात्रों के बीच बढ़ते तनाव और आत्महत्या की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। समिति ने सरकार से ऐसे परिवारों की मदद करने की अपील की, जिन्होंने परीक्षा संबंधी दबाव के कारण अपने बच्चों को खोया है। साथ ही NTA और NMC के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया ताकि मेडिकल सीटें खाली न रहें और प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।

21 जून को होगी दोबारा होगी परीक्षा, 13 गिरफ्तार

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून को री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया। मामले की जांच CBI कर रही है और अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। NTA का फिलहाल पूरा फोकस 21 जून को होने वाली परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने पर है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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