नेशनल डेस्क। असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एनडीए खेमे ने अपनी रणनीति लगभग तय कर ली है। सीट शेयरिंग को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए गठबंधन ने अब चुनावी मैदान के लिए अंतिम खाका तैयार कर लिया है। इस बीच दिल्ली में भी हलचल तेज है, जहां शीर्ष नेतृत्व उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगाने में जुटा हुआ है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के मुताबिक BJP, असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है और जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सी पार्टी किस सीट से चुनाव लड़ेगी। वहीं, दिल्ली में बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में सीटों के साथ उम्मीदवारों के नाम पर भी सहमति बन चुकी है।
सीएम शर्मा ने यह भी साफ किया कि यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) अब एनडीए का हिस्सा नहीं है, जबकि बीपीएफ गठबंधन में बनी रहेगी। बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (BTC) क्षेत्र में यूपीपीएल और बीपीएफ के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा है। यह क्षेत्र 2003 में संविधान की छठी अनुसूची के तहत गठित एक स्वायत्त परिषद है, जहां विधानसभा की 15 सीटें आती हैं। शर्मा ने कहा कि यूपीपीएल अपने दम पर 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि एनडीए का मुख्य सहयोगी बीपीएफ ही रहेगा।
सीट बंटवारे के तहत असम गण परिषद 26 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जो पिछले चुनाव के समान ही है। वहीं, BPF को 11 सीटें दी गई हैं। संसदीय दल की बैठक के बाद सीटों का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 4 मई को मतगणना होगी।