'गद्दार'...हरभजन के घर तक पहुंचा गुस्सा, AAP में टूट से जालंधर में बवाल; कार्यकर्ताओं का हाई-वोल्टेज ड्रामा

आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद पंजाब की राजनीति में जबरदस्त उथल-पुथल मच गई है। इस फैसले से नाराज पार्टी कार्यकर्ता अब खुलकर विरोध कर रहे हैं। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं और गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है।
हरभजन सिंह के घर के बाहर विरोध
जालंधर में विरोध की शुरुआत पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के घर से हुई। काली पट्टियां बांधे और हाथों में पार्टी के झंडे लिए कार्यकर्ताओं ने उनके घर का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और गुस्से में घर की दीवार पर ‘गद्दार’ तक लिख दिया। उनका कहना था कि जिन नेताओं को पार्टी ने सम्मान देकर संसद तक पहुंचाया, उन्होंने ही पार्टी को धोखा दिया।
अशोक मित्तल के खिलाफ भी प्रदर्शन
इसके बाद कार्यकर्ताओं का जत्था लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी पहुंचा, जहां राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल चांसलर हैं। यहां प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ जमकर विरोध किया। यूनिवर्सिटी के गेट के बाहर उनका पुतला फूंका गया और पोस्टरों पर कालिख पोती गई। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
‘पंजाब के साथ विश्वासघात’ का आरोप
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राघव चड्ढा समेत अन्य सांसदों ने बीजेपी में शामिल होकर न सिर्फ पार्टी, बल्कि पंजाब की जनता के साथ भी विश्वासघात किया है। उनका कहना है कि ये नेता निजी स्वार्थ के लिए अपनी विचारधारा छोड़कर चले गए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी ने इन्हें आम कार्यकर्ता से उठाकर संसद तक पहुंचाया, लेकिन मुश्किल समय में इन्होंने पार्टी का साथ छोड़ दिया।
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सियासी तापमान बढ़ा
जालंधर में हुए इस उग्र प्रदर्शन के बाद पूरे पंजाब में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। हालांकि बीजेपी में शामिल हुए सांसदों की तरफ से अभी तक इस विरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, पुलिस ने हालात को देखते हुए सभी संबंधित नेताओं के घरों की सुरक्षा बढ़ा दी है।
विपक्ष और AAP की अलग-अलग प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी पर तंज कसा है और कहा है कि पार्टी का अनुशासन अब खत्म हो चुका है। वहीं, AAP के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह कार्यकर्ताओं और जनता का गुस्सा है, जो अब खुलकर सामने आ रहा है।
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गहराता जा रहा सियासी संकट
AAP में आई इस बड़ी टूट ने पंजाब की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। एक तरफ पार्टी अपने नेताओं को बचाने और स्थिति संभालने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ कार्यकर्ताओं का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा। आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज हो सकता है।











