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नारी शक्ति वंदन बिल :प्रियंका गांधी ने कहा-विरोध हुआ यह बताया पर यह नहीं बताया कि विरोध किसने किया

लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल (महिला आरक्षण) पर कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने भाजपा पर आधा सच बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में मजबूती से खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी।
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प्रियंका गांधी ने कहा-विरोध हुआ यह बताया पर यह नहीं बताया कि विरोध किसने किया
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। महिला आरक्षण को लेकर संसद में बहस के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री के बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री की आज की टिप्पणियों से ऐसा लगा जैसे भाजपा महिला आरक्षण की प्रणेता और सबसे बड़ी समर्थक रही है। उनके पूरे भाषण का विषय यही था, भले ही उन्होंने यह दावा किया कि वह इसका कोई श्रेय नहीं लेना चाहते... साल 2023 में राहुल गांधी के पत्र को पढ़ने के कुछ वर्षों बाद, अंततः जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2023 में सर्वसम्मति से इस अधिनियम को पारित किया, तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी विचारधारा के अनुरूप इसका पूरा समर्थन किया।'

    ‘आधा सच’ बोलने का आरोप

    प्रियंका ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री ने इस बात का जिक्र तो किया, लेकिन हमेशा की तरह उन्होंने केवल आधा सच बोला। उन्होंने सदन को बताया कि विरोध हुआ था, लेकिन स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि वास्तव में विरोध किसने किया था। उन्होंने कहा हकीकत तो यह है कि वह आप (भाजपा) ही थे, जिन्होंने इसका विरोध किया था। इसके कुछ वर्षों बाद, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने संसद में इस कानून को पारित किया और इसे लागू किया।

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    लोकतंत्र पर खतरे की चेतावनी

    बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक पहलुओं को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि यह संशोधन बिना समुचित विचार-विमर्श के पारित होता है, तो इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर यह संविधान संशोधन विधेयक पारित हो जाता है, तो इस देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा।' उनके इस बयान ने सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

    मोतीलाल नेहरू का उल्लेख

    प्रियंका ने कहा कि इस मुद्दे की जड़ें बहुत पुरानी हैं और इसे केवल हालिया राजनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश करना सही नहीं है। उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसा विषय है जो हर महिला के दिल में एक विशेष स्थान रखता है, इसलिए इस पर बोलने का मौका मिलने के लिए मैं एक बार फिर धन्यवाद देती हूं। मैं संक्षेप में इस मुद्दे की पृष्ठभूमि समझाना चाहूंगी, क्योंकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में जिक्र किया था कि इसे किसने रोका, कैसे रोका गया और इस निर्णय में 30 साल की देरी क्यों हुई। सत्ता पक्ष के मेरे साथियों को शायद यह पसंद न आए, लेकिन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि यह है कि इसकी नींव उस नेहरू ने नहीं रखी थी जिनका आप अक्सर जिक्र करते हैं। ये वो नेहरू नहीं हैं जिन्हें लेकर आप संकोच करते हैं। यह उनके पिता मोतीलाल नेहरू थे, जिन्होंने 1928 में एक रिपोर्ट तैयार की थी और उसे कांग्रेस कार्यसमिति को सौंपा था। वह उस समिति के अध्यक्ष थे और इसमें उन्होंने 19 मौलिक अधिकारों को सूचीबद्ध किया था।' 

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    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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