Peoples Update Special :PNG की धीमी चाल...पांच वर्ष में सिर्फ 3.78 लाख घरों में पहुंची गैस, भिंड दतिया, अशोक नगर सहित 31 जिलों में शुरुआत ही नहीं

अशोक गौतम, भोपाल। प्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पाइप लाइन डालने का काम पिछले पांच साल में सिर्फ 3.78 लाख घरों तक ही पहुंच पाई है। सबसे ज्यादा गैस कनेक्शन इंदौर शहर में हुए हैं, दूसरे नंबर पर भोपाल है। गैस पाइप लाइन बिछाने वाली कई कंपनियों ने अभी तक भिंड, दतिया, अशोक नगर सहित 31 जिलों में इसकी शुरुआत ही नहीं की है। जबकि आठ साल में गैस पाइप लाइन बिछाने के साथ घरों में कनेक्शन देने का टारगेट है।
प्रदेश में 55 जिलों में पाइप लाइन बिछाने और गैस की सप्लाई के लिए इंडियन आॅयल और भारत पेट्रोलियम सहित सहित दस कंपनियों को काम दिया गया है। कंपनियों ने गैस की पाइप लाइन बिछाने और सप्लाई के लिए सबसे पहले शहरी क्षेत्रों को चुना है। इसके बाद गांवों का नंबर आएगा।
6 जिलों में सीएनजी स्टेशन नहीं
निवाड़ी, आलीराजपुर, मऊगंज, कटनी, डिंडोरी जिले में पीएनजी स्टेशन ही नहीं बन पाए हैं। इसके चलते कार चालकों को दूसरे जिलों में सीएनजी भरवाने के लिए जाना पड़ता है। वहीं डेढ़ दर्जन जिलों में सिर्फ एक-दो ही सीएनजी स्टेशन हैं।
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खास बातें: दस से 15 फीसदी तक सस्ती
- पाइप लाइन के जरिए गैस सप्लाई होने से 10 से 15 प्रतिशत सस्ते दामों पर मिल रही है। \
- इसकी मुख्य वजह है कि निजी कंपनियों को गैस परिवहन नहीं करना पड़ेगा।
- गैस की रिफिलिंग और सिलेंडर की लागत राशि भी नहीं लग रही।
- 24 घंटे गैस सप्लाई भी होती है।
- पर्यावरण को इससे कोई नुकसान नहीं होगा।
- कनेक्शन के लिए उपभोक्ता को 6000 रुपए देना होता हैं।
- 6 सौ रुपए एक साथ देना अनिवार्य है और शेष राशि किस्तों में ।
रीवा के कनेक्शनधारी रंजन शुक्ला ने कहा कि पीएनजी गैस सीएनजी से सस्ती पड़ रही है। कनेक्शन लेने के बाद इसकी हर दो माह में 12 सौ रुपए की बिलिंग हो रही है। पहले एक सिलेंडर करीब 960 रुपए का आता था, ये सिर्फ एक माह चलता था। इसके अलावा सीएनजी की लौ नीली होती है। एलपीजी की गैस कुछ दिन बाद पीली जलने लगती थी। इसके अलावा पीएनजी गैस प्रेशर से आती है।
यह हैं सुरक्षा के मानदंड
- गैस की पाइप लाइन में तीन जगह पर वॉल्व हैं।
- पहला वॉल्व किचन में, दूसरा मीटर के पास और तीसरा घर के बाहर
- पाइप लाइन में स्पाटली केमिकल होगा, जो थोड़ी गैस रिसाव पर तेजी से बदबू आएगी।
- 3.78 घरों तक पहुंची पीएनजी पाइप लाइन
- 419 सीएनजी स्टेशन
- 709 उद्योगों में पीएनजी का कनेक्शन
- 948 होटल सहित अन्य व्यावसायिक संस्थानों में कनेक्शन
टॉप पांच जिले
जिला पीएनजी - सीएनजी, इंडस्ट्री - व्यावसायिक
इंदौर - 1,03,582- 70- 519- 450
ग्वालियर- 68,219- 33- 17- 113
भोपाल- 40,790-31-34-114
देवास- 40,672-6- 36-55
उज्जैन - 37,323 18-51-96
तीन जिलों में रफ्तार
तीन चार जिलों में पीएनजी पाइप लाइन का काम ठीक है, शेष जिलों में काफी धीमी गति से चल रहा है। कंपनियों को इसकी प्रगति बढ़ाने के लिए कहा गया है। इसकी मॉनिटरिंग भारत सरकार से भी की जा रही है।
रश्मि अरुण शमी, एसीएस, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण











