Peoples Update Special :प्रदेश के टूरिज्म कारोबार को मिलेगा इंडस्ट्री का दर्जा, इन्वेस्टमेंट को मिलेगी रफ्तार

मप्र सरकार राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा  देने जा रही है। इससे  टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और कारोबारी राहत महसूस करेंगे। टूरिज्म को इंडस्ट्री का स्टेटस मिलने से कारोबारियों को बैंकों से लोन लेने में सुविधा होगी और सब्सिडी दर पर जमीन और अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।
Follow on Google News
प्रदेश के टूरिज्म कारोबार को मिलेगा इंडस्ट्री का दर्जा, इन्वेस्टमेंट को मिलेगी रफ्तार
ग्वालियर किला, फाइल फोटो

अशोक गौतम, भोपाल। मप्र सरकार राज्य के टूरिजम को बढ़ावा देने के लिए अब उन्हें इंडस्ट्री का दर्जा देने की तैयारी कर रही है। विभाग ने इसका पूरा खाका तैयार कर सरकार के पास भेज दिया है। इसे जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा, जिससे GIS 2027 से पहले इस पर अमलीजामा पहनाया जा सके।

मप्र का बड़ा सेक्टर, लाखों को रोजगार

मप्र में पर्यटन उद्योग का एक बड़ा सेक्टर है, जिसके माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार और कारोबार से जुड़े हैं। इसके बाद भी सरकार इस कारोबार के लिए कोई अनुदान और रियायत नहीं देती है। क्योंकि सरकार की नीति में केवल उद्योगों को रियायत और अनुदान का प्रावधान है। इसके चलते पर्यटन, होटल, रिजार्ट सहित अन्य पर्यटन के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने वाले निवेशक दूसरे राज्यों की तरफ जा रहे हैं। GIS 2025 में प्रदेश में 4,400 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

एक रुपए में मिलेगी जमीन

सरकार जिस तरह से उद्योगों को एक रुपए की लीज पर जमीन उपलब्ध कराती है उसी तरह से पर्यटन इंडस्ट्री को जमीन मिलेगी। इसके अलावा उन्हें तमाम सुविधाएं देने का भी प्रावधान किया जाएगा। वहां तक सड़क, बिजली, पानी सहित अन्य तरह के विकास कार्य और सुविधाएं देने का काम करेगी। इससे निवेशकों को कम निवेश में ज्यादा करोबार संचालित कर सकेंगे।

ये भी पढ़ें: इंदौर से आबू धाबी की सीधी उड़ान शुरू: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया शुभारंभ

सस्ती दरों पर बिजली

वर्तमान में पर्यटन उद्योगों को व्यावसायिक दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जाती है। उद्योगों में सामिल होने पर इनको भी दो से तीन रुपए में मिलेगी। पॉवर की समस्या न आए, इसके लिए हैवी ट्रांसफार्मर और लाइन डाली जाएगी।

सिंगल विंडो अनुमतियां

टूरिज्म उद्योगों के लिए तमाम तरह की अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाएगा। इससे इन्हें एक ही स्थान पर तमाम अनुमतियां मिल सके। इसके अलावा अनुमतियों के लिए टाइम लाइन तय की जाएगी, जिसके अंदर विभागों को अनुमति देना पड़ेगा। टाइम लाइन के अंदर नहीं मिलती तो डीम्ड अनुमति मानी जाएगी। इसके साथ ही बैंकों से लोन भी उन्हें आसानी से मिल सकेगा। 

मिलेगा बूस्ट अप डोज

सरकार उद्योगों की तर्ज पर पर्यटन उद्योगों को समय समय पर बूस्ट अप डोज देने का भी प्रावधान करेगी। बंद और बीमारू पर्यटन उद्योगों को चालू करने के लिए अनुदान देने का भी काम कर सकेगी।

टैक्स में भी छूट

लोकल स्तर पर नगरीय निकाय और पंचायतों के तमाम टैक्सों से भी राहत मिल सकेगी। लोकल स्तर पर निकाय के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों की सीधे तौर पर दखलंदाजी कम होगी। 

ये भी पढ़ें: विधायक संजय पाठक केस : मप्र हाईकोर्ट ने पूछा-जब मोबाइल में नंबर सेव नहीं था, तो फिर डायल कैसे हुआ?

ड्राफ्ट तैयार हो चुका है

पर्यटन निवेश और कारोबार को भी उद्योग का दर्जा दिया जाएगा। इसके लिए एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। उद्योग का दर्जा मिलने से इस कारोबार को बड़ी राहत मिलेगी।

नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts