आज मारपीट करूंगा, FIR करवा देना'... :नगर निगम इंजीनियर को फोन पर धमकी, डंडा लेकर पहुंचे पूर्व पार्षद

छिंदवाड़ा शहर में पानी की किल्लत को लेकर नगर निगम में एक बार फिर जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के बीच विवाद खुलकर सामने आया है। वार्ड क्रमांक-20 की पार्षद के पति एवं पूर्व पार्षद शिव मालवीय का एक ऑडियो और वीडियो सामने आया है।
फोन पर बोले - FIR करवा देना, आज मारपीट करूंगा
सामने आए ऑडियो में शिव मालवीय सब-इंजीनियर से कहते हैं, आज तुमसे, रोहित से और चौहान साहब से मारपीट करूंगा, ताकि मेरी FIR करवा दो। अब दिखाऊंगा मेरी औकात और हैसियत क्या है। बातचीत के दौरान उन्होंने अधिकारियों पर जातिवाद का आरोप भी लगाया और कहा कि वे निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं।
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डंडा लेकर पहुंचे निगम, इंजीनियरों की गाड़ी रोकने की कोशिश
ऑडियो के कुछ देर बाद शिव मालवीय हाथ में डंडा लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने पहले इंजीनियर विवेक चौहान की गाड़ी रोकने की कोशिश की, लेकिन वे वहां से निकल गए। इसके बाद कार्यालय में सब-इंजीनियर भानु सूर्यवंशी और रोहित सूर्यवंशी से उनकी तीखी बहस हुई। विवाद बढ़ता देख दोनों अधिकारी वहां से चले गए, जिससे किसी तरह की अप्रिय घटना टल गई।
पार्षद ने क्या कहा?
शिव मालवीय का कहना है कि उनके वार्ड में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है। कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने से वे आक्रोशित थे और इसी वजह से अधिकारियों से जवाब मांगने निगम कार्यालय पहुंचे थे।
सब-इंजीनियर का दावा- पहले भी समझाया था
सब-इंजीनियर भानु सूर्यवंशी ने बताया कि एक दिन पहले वार्ड 19, 20 और 21 में पानी सप्लाई के दौरान वाल्व संचालन को लेकर विवाद हुआ था। इस संबंध में शिव मालवीय से चर्चा भी हुई थी, लेकिन अगले दिन उन्होंने फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और डंडा लेकर निगम कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने कहा कि विवाद से बचने के लिए वे वहां से निकल गए।
कमिश्नर बोले- लौटकर पूरे मामले की जानकारी लेंगे
नगर निगम आयुक्त सीपी राय ने कहा कि फिलहाल वे मुख्यालय से बाहर हैं। उन्हें घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। शहर लौटने के बाद पूरे मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना के वीडियो और ऑडियों सामने आने के बावजूद अब तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, नगर निगम कार्यालय में इस तरह के घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के बीच बढ़ते टकराव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।











