Train Robbery:जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस में यात्रियों से लूट, गुना के रुठियाई आउटर पर मंगलसूत्र, चेन, झुमके और बैग छीने

गुना। रुठियाई रेलवे स्टेशन के पहले आउटर सिग्नल पर खड़ी जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस में बुधवार रात बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। सिग्नल नहीं मिलने के कारण ट्रेन जैसे ही कुछ देर के लिए रुकी, अज्ञात बदमाशों ने खिड़कियों के रास्ते हाथ डालकर महिला यात्रियों के गहने झपट लिए। इसी दौरान मध्यप्रदेश पुलिस बैंड भर्ती परीक्षा देने जा रहे एक युवक का महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग भी चोरी कर लिया। घटना के बाद ट्रेन में हड़कंप मच गया। यात्रियों ने तत्काल चेन पुलिंग कर रेल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जीआरपी के प्रधान आरक्षक विनोद पाल, आरपीएफ के एएसआई विनोद कुमार और प्रधान आरक्षक हेमराज मीणा मौके पर पहुंचे तथा प्रभावित कोचों में जाकर यात्रियों से जानकारी जुटाई।
महिलाओं के गहनों पर हाथ साफ
जांच में सामने आया कि एस-5 कोच की सीट क्रमांक 73 पर यात्रा कर रही विदिशा निवासी हरबो बाई के कान से करीब पांच ग्राम वजनी सोने का झुमका झपट लिया गया। वहीं एस-6 कोच की सीट क्रमांक 1 पर सफर कर रहीं भोपाल निवासी ममता मेवाड़ा का करीब पांच ग्राम वजनी सोने का मंगलसूत्र भी बदमाश खींच ले गए। इसी कोच की सीट क्रमांक 17 पर यात्रा कर रहे छबड़ा निवासी अब्दुल कलाम की पत्नी आवेदा के गले से करीब दो तोले वजनी सोने की चेन भी झपट ली गई।
युवकों का बैग भी चोरी
वारदात के दौरान एस-5 कोच की सीट क्रमांक 79 पर यात्रा कर रहे जोधपुर निवासी राहुल भी चोरी का शिकार हो गए। राहुल मध्यप्रदेश पुलिस बैंड भर्ती परीक्षा में शामिल होने भोपाल जा रहे थे। उनके बैग में कपड़ों के अलावा एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं और 12वीं की अंकसूचियां तथा भर्ती से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे, जिन्हें बदमाश चुरा ले गए।
करीब 1.35 लाख का नुकसान
पीड़ित यात्रियों के अनुसार पूरी वारदात रुठियाई स्टेशन के पहले आउटर सिग्नल पर ट्रेन रुकने के दौरान हुई। चोरी गए जेवर और अन्य सामान की कुल कीमत करीब 1.35 लाख रुपए आंकी गई है। जीआरपी गुना ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान का प्रयास कर रही है।












