मुकुल चौधरी:फैमिली ने क्रिकेट के लिए घर बेचा, हेलिकॉप्टर शॉट पसंदीदा, सपना- खुद को धोनी जैसा फिनिशर बनाना है...

स्पोर्ट्स डेस्क। लखनऊ सुपर जायंट्स के युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने अपनी क्रिकेटिंग जर्नी पर बात करते हुए कहा है कि वह खुद को भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी जैसा फिनिशर बनाना चाहते हैं। जियोहॉटस्टार से बातचीत में मुकुल ने बताया कि धोनी का शांत स्वभाव, मैच खत्म करने की क्षमता और खासतौर पर उनका हेलिकॉप्टर शॉट उन्हें बेहद प्रेरित करता है। मुकुल ने कहा कि 2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में धोनी की कप्तानी और विनिंग सिक्स उनके लिए सबसे प्रेरणादायक क्रिकेटिंग पल है, जिसे देखकर उन्होंने बड़े मंच पर फिनिशर बनने का सपना देखा।
पिता का अधूरा सपना हो रहा पूरा...
मुकुल ने बताया कि उनके पिता खुद क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह पेशेवर क्रिकेट नहीं खेल सके। इसी वजह से उन्होंने शादी से पहले ही तय कर लिया था कि उनका बेटा क्रिकेटर बनेगा और वह उसके सपने को हर हाल में पूरा करेंगे। मुकुल ने कहा कि उनके पिता ने शुरुआत से ही क्रिकेट को लेकर उन्हें गंभीरता से तैयार किया और हर मुश्किल परिस्थिति में उनका साथ दिया।
बेटे के करियर के लिए पिता ने छोड़ी RAS की तैयारी
मुकुल के मुताबिक, उनके बचपन में परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी और क्रिकेट एकेडमी की फीस जुटाना भी आसान नहीं था। उस समय उनके पिता कॉलेज में पढ़ाते थे और साथ ही राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (RAS) की तैयारी कर रहे थे। लेकिन जब बात बेटे के भविष्य की आई तो उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए अपनी सरकारी सेवा की तैयारी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने प्रॉपर्टी का काम शुरू किया ताकि अतिरिक्त कमाई कर मुकुल को बेहतर क्रिकेट ट्रेनिंग दिला सकें।
12 की उम्र में सीकर की एकेडमी से शुरू हुआ सफर
मुकुल ने बताया कि उनका क्रिकेट करियर 2015 में उनके जन्मदिन के दिन नई दिशा में आगे बढ़ा। उस दिन उनके पिता उन्हें लेकर चूरू, झुंझुनूं और सीकर की कई क्रिकेट एकेडमी में गए थे ताकि सही ट्रेनिंग सेंटर मिल सके। इसी दौरान सीकर की SBS क्रिकेट एकेडमी मिली और वहीं से उनके पेशेवर क्रिकेट सफर की शुरुआत हुई। इससे पहले मुकुल के पिता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्होंने घर तक बेच दिया और कर्ज लिया।
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रोज 100 से ज्यादा छक्कों की प्रैक्टिस करते हैं मुकुल
अपनी पावर-हिटिंग क्षमता को लेकर मुकुल ने कहा कि उनका शरीर स्वाभाविक रूप से ताकतवर है, लेकिन उन्होंने इसे और निखारने के लिए काफी मेहनत की है। उन्होंने बताया कि वह रोजाना 100 से 150 छक्के मारने की प्रैक्टिस करते हैं। लगातार ऐसा करने से बल्ले की स्पीड बढ़ती है और बड़े शॉट खेलने में मदद मिलती है। मुकुल ने कहा कि पिछले पांच-छह महीनों में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर काफी काम किया है और अब उसका असर मैदान पर दिख रहा है।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन से बटोरी सुर्खियां
मुकुल चौधरी ने घरेलू क्रिकेट में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 के दौरान शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। राजस्थान की ओर से खेलते हुए उन्होंने दिल्ली के खिलाफ केवल 26 गेंदों में नाबाद 62 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसमें सात छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत राजस्थान ने 176 रन का लक्ष्य हासिल किया था।
मुकुल ने पूरे टूर्नामेंट में 57.66 की औसत और 198.85 के स्ट्राइक रेट से 173 रन बनाए, जिसके बाद उन्हें IPL फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जायंट्स ने अपनी टीम में शामिल किया।











