Peoples Update Special :MP में अब रटने से नहीं, समझ से पास होगी MBBS की परीक्षा

हर्षित चौरसिया, जबलपुर। प्रदेश की एकमात्र सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (एमयू), जबलपुर से संबद्ध मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले MBBS छात्रों को अब रटकर नहीं बल्कि समझकर परीक्षा देनी होगी। यह इसलिए क्योंकि विवि प्रशासन ने MBBS की परीक्षा पैटर्न में बड़ा संशोधन कर नए परीक्षा स्वरूप लागू कर दिया है।
2019 और उसके बाद के सभी बैचों पर लागू
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक यह संशोधित परीक्षा पैटर्न MBBS के सभी सीबीएमई बैचों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इसमें वे छात्र शामिल हैं जिन्होंने 2019 या उसके बाद प्रवेश लिया है।
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यह है परीक्षा का नया प्रारूप
विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. आदित्य ठाकुर ने बताया कि संशोधन के बाद अब MBBS की सैद्धांतिक परीक्षा (थ्योरी एग्जाम) कुल 100 अंकों की होगी। प्रश्न-पत्र को 5 कैटेगरी में बांटा गया है, जो इस तरह हैं
- बहुविकल्पीय प्रश्न ( सिनेरियो बेस्ड): 10 प्रश्न, 1 अंक प्रति प्रश्न (कुल 10 अंक)।
- दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (स्ट्रक्चर्ड): 1 विस्तृत प्रश्न, 10 अंक (कुल 10 अंक)।
- लघु उत्तरीय प्रश्न (शार्ट आंसर): 5 प्रश्न (जिसमें 1 एटकॉम आधारित), 7 अंक प्रति प्रश्न (कुल 35 अंक)।
- एप्लाइड प्रश्न : 5 प्रश्न (क्लीनिकल परिदृश्य पर आधारित), 5 अंक प्रति प्रश्न (कुल 25 अंक)।
- तार्किक प्रश्न (रीजनिंग): 5 प्रश्न, 4 अंक प्रति प्रश्न (कुल 20 अंक) होंगे।
पहले ऐसा था कुछ परीक्षा पैटर्न
विवि के मुताबिक पहले प्रश्न पत्र में दो दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :प्रति प्रश्न 20 अंक। शार्ट आंसर वाले 6 प्रश्न : प्रति प्रश्न 5 अंक। वेरी शार्ट आंसर 10 प्रश्न : प्रति प्रश्न 2 अंक। मल्टीपल चॉइस 10 प्रश्न प्रति प्रश्न 1 अंक होते थे।
गुणवत्ता और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता रहेगी
MBBS की परीक्षा पैर्टन में यह संशोधन चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए किया गया गया है। संबंधित कॉलेजों और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे इस नवीनतम परीक्षा पैटर्न को ध्यान में रखते हुए ही अपनी परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करें।
डॉ. अशोक खंडेलवाल, कुलगुरु, एमयू जबलपुर।












