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वियतनाम नाव हादसा :15 भारतीयों के पार्थिव शरीर मुंबई पहुंचे, आज गृह राज्यों के लिए रवाना; लावा इंटरनेशनल देगी ₹25-25 लाख की सहायता

वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास हुए नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों के पार्थिव शरीर मुंबई पहुंच गए हैं। मंगलवार को इन्हें तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल भेजा जाएगा। लावा इंटरनेशनल ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
15 भारतीयों के पार्थिव शरीर मुंबई पहुंचे, आज गृह राज्यों के लिए रवाना; लावा इंटरनेशनल देगी ₹25-25 लाख की सहायता
वियतनाम नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों के पार्थिव शरीर मुंबई पहुँच गए हैं, जिन्हें आज उनके गृह राज्यों के लिए भेजा जाएगा।

वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के पार्थिव शरीर सोमवार देर रात विशेष विमान से मुंबई लाए गए। हो ची मिन्ह सिटी से वियतनाम एयरलाइंस की विशेष उड़ान के जरिए शव छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां स्थानीय प्रशासन और संबंधित राज्यों की टीमें पहले से मौजूद थीं। अब सभी पार्थिव शरीरों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मृतकों में 10 लोग तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और दो केरल के निवासी थे। आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम मुंबई एयरपोर्ट पर मौजूद रही और मंगलवार सुबह तीनों शवों को एयर इंडिया की उड़ान से हैदराबाद भेजने की तैयारी की गई। इसके बाद उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाया जाएगा।

केरल के दंपती के शव तिरुवनंतपुरम भेजे जाएंगे

केरल के कोट्टारक्कारा निवासी ए.सी. थॉमस और उनकी पत्नी लोवेनी थॉमस के पार्थिव शरीर भी मंगलवार सुबह एयर इंडिया की उड़ान AI-2605 से तिरुवनंतपुरम भेजे जाएंगे। यह उड़ान सुबह मुंबई से रवाना होकर तिरुवनंतपुरम पहुंचेगी। केरल मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार परिजनों के साथ लगातार संपर्क में है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

11 जुलाई को खराब मौसम के बीच हुआ था हादसा

यह हादसा 11 जुलाई को उस समय हुआ था, जब 32 भारतीय पर्यटक और चार स्थानीय चालक दल के सदस्य फू क्वोक द्वीप के पास समुद्री सैर के बाद एन थोई पोर्ट लौट रहे थे। रास्ते में अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण नाव का संतुलन बिगड़ा और वह समुद्र में पलट गई। हादसे के बाद वियतनाम के स्थानीय प्रशासन, तटरक्षक बल और राहत एजेंसियों ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया। कई घंटे चले ऑपरेशन के बाद 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 15 भारतीय पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई।

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एक घायल भारतीय की हालत अब भी गंभीर

हादसे में घायल भारतीय पर्यटकों में से एक 49 वर्षीय व्यक्ति की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उसके फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और मस्तिष्क में रक्तस्राव होने के कारण हो ची मिन्ह सिटी के अस्पताल में उसका इलाज जारी है। भारतीय दूतावास लगातार अस्पताल और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है तथा मरीज के इलाज की निगरानी कर रहा है।

लावा इंटरनेशनल ने मृतकों के परिजनों के लिए सहायता राशि घोषित की

हादसे का शिकार हुए अधिकांश भारतीय लावा इंटरनेशनल के कर्मचारी और बिजनेस पार्टनर थे, जो कंपनी की ओर से आयोजित यात्रा पर वियतनाम गए थे। कंपनी ने बताया कि इस ट्रिप में कुल 86 कर्मचारी और कारोबारी सहयोगी शामिल थे। हादसे के बाद अधिकांश लोग भारत लौट आए हैं, जबकि कुछ सदस्य आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के लिए वियतनाम में ही रुके हुए हैं। लावा इंटरनेशनल ने मृतकों के प्रत्येक परिवार को 25-25 लाख रुपए की मानवीय आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा कि वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और भारतीय दूतावास तथा वियतनाम प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है।

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बचे पर्यटकों ने राहत व्यवस्था पर उठाए सवाल

हादसे से सुरक्षित निकले कुछ भारतीय पर्यटकों ने वियतनाम में राहत और चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि दुर्घटना के बाद मौके पर न पर्याप्त मेडिकल टीम मौजूद थी और न ही प्रशिक्षित बचावकर्मी समय पर पहुंचे। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों और साथियों ने स्वयं सीपीआर देकर दो लोगों की जान बचाने की कोशिश की। उनका दावा है कि यदि विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता समय पर मिल जाती तो कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

जांच जारी, मौसम और ओवरलोडिंग दोनों एंगल पर फोकस

वियतनाम सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में खराब मौसम, ऊंची लहरों और नाव के संतुलन बिगड़ने को प्रमुख कारण माना जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या नाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक लोग सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस ने नाव के चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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