MP Wildlife Tourism : मप्र में पर्यटकों की पहली पसंद बना बांधवगढ़ नेशनल पार्क, कान्हा में कम हुए सैलानी, आखिरी दिन तक शाम की सफारी फुल

हर्षित चौरसिया, जबलपुर। प्रदेश के नेशनल पार्कों और वाइल्ड लाइफ टूरिस्ट स्थानों पर इस साल भी सैलानियों के मामले में बांधवगढ़, कान्हा और पेंच नेशनल पार्क से आगे निकल गया है। बाघों के हमले में जनहानि को लेकर सुर्खियों में रहा बांधवगढ़ नेशनल पार्क इस वर्ष पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। 30 जून को नेशनल पार्कों में पर्यटकों ने शाम की अंतिम सफारी की, जिसे लेकर पर्यटकों के साथ पार्क प्रबंधन के अधिकारियों, गाइड और जिप्सी संचालकों में उत्साह देखने को मिला।
पर्यटकों की संख्या में 10 फीसदी इजाफा
सीजन की अंतिम शाम की सफारी भी पर्यटकों से पैक रही। वन विभाग और पार्क प्रबंधन के आंकड़ों की मानें तो बांधवगढ़ नेशनल पार्क में देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में तकरीबन 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वहीं कान्हा नेशनल पार्क में सैलानियों की संख्या पिछले वर्ष की अपेक्षा कम हो गई है।
बांधवगढ़, पेंच और कान्हा में आए पर्यटक



अब अक्टूबर में पर्यटकों के लिए खुलेंगे
वन विभाग की जानकारी के मुताबिक प्रदेश के सभी नेशनल पार्कों में कोर जोन भ्रमण के लिए अक्टूबर में पार्क को खोला जाएगा। ऐसे में स्थानीय रिसार्ट और होटल संचालकों को बफर जोन और आसपास के टूरिस्ट स्पॉट में आने वाले सैलानियों के भरोसे अपना व्यापार करना पड़ेगा।
जिन्हें फोटो में देखते थे, उन्हें करीब से देखा

ज्योति चिले बीच में
पूरे परिवार के साथ मैं बांधवगढ़ नेशनल पार्क पहली बार आई हूं। वन्यजीवों को पास से देखकर बहुत अच्छा लगा। जिन्हें हम फोटो में देखते थे आज उन्हें करीब से देखा। बहुत अच्छा लगा
ज्योति चिले, दमोह से आई पर्यटक
दो लाख से ज्यादा पर्यटक बांधवगढ़ पहुंचे

पर्यटन वर्ष 2025-26 के दौरान 1,80,000 से अधिक भारतीय पर्यटकों एवं 31,000 से अधिक विदेशी पर्यटकों ने बांधवगढ़ का भ्रमण किया। कुल मिलाकर दो लाख ग्यारह हजार से अधिक पर्यटकों की उपस्थिति ने बांधवगढ़ को देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान को और सुदृढ़ करने में मदद की। यह उपलब्धि पर्यटकों के बढ़ते विश्वास, बेहतर पर्यटन प्रबंधन तथा बांधवगढ़ की वैश्विक लोकप्रियता का प्रमाण है।
अनुपम सहाय, फील्ड डायरेक्टर, बांधवगढ़ नेशनल पार्क उमरिया।












