Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

खजराना गणेश मंदिर का बदलेगा स्वरूप,रजत गणेश हॉल होगा सवा दो फीट नीचे; अंतिम कतार से भी होंगे सहज दर्शन

इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में मास्टर प्लान पर काम शुरू हो गया है। रजत गणेश हॉल का फर्श सवा दो फीट नीचे किया जाएगा, ताकि अंतिम कतार में खड़े श्रद्धालुओं को भी स्पष्ट दर्शन हो सकें। जानिए मंदिर में और क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं।
रजत गणेश हॉल होगा सवा दो फीट नीचे; अंतिम कतार से भी होंगे सहज दर्शन
AI GENERATED IMAGE

इंदौर। देश के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में अब श्रद्धालुओं को पहले से ज्यादा आसान और भव्य दर्शन की सुविधा मिलेगी। मंदिर के मास्टर प्लान पर काम शुरू हो चुका है। इस योजना के तहत रजत गणेश हॉल का फर्श करीब सवा दो फीट नीचे किया जा रहा है, ताकि पीछे की अंतिम कतार में खड़े श्रद्धालु भी भगवान गणेश के स्पष्ट दर्शन कर सकें। इसके साथ ही मंदिर परिसर को वुडन और मार्बल थीम के आधार पर नया स्वरूप दिया जाएगा। पूरे विकास कार्य सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं, क्योंकि उस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

गर्भगृह से शुरू हुआ विकास कार्य

खजराना गणेश मंदिर के विकास के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने वर्ष 2023 में मास्टर प्लान तैयार किया था। अब इसे जमीन पर उतारा जा रहा है। सबसे पहले भगवान गणेश के गर्भगृह से जुड़े विकास कार्य शुरू किए गए हैं। गर्भगृह के चौड़ीकरण का काम पूरा हो चुका है और अब रजत गणेश हॉल में बदलाव किए जा रहे हैं। मंदिर के पुजारी उमेश भट्ट (नानू महाराज) ने बताया कि मास्टर प्लान का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि अभी ज्यादा भीड़ होने पर पीछे खड़े लोगों को भगवान के दर्शन ठीक से नहीं हो पाते। इसी वजह से पूरे हॉल का स्तर करीब सवा दो फीट नीचे किया जा रहा है।

पहले चरण में 8 से 10 करोड़ रुपए होंगे खर्च

उमेश भट्ट ने बताया कि पूरे मास्टर प्लान पर करीब 25 से 30 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल पहले चरण के कार्यों पर 8 से 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस चरण में गर्भगृह के प्रवेश द्वार को चौड़ा करने, रजत गणेश हॉल को नया स्वरूप देने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने का काम किया जा रहा है।

Breaking News

मंदिर समिति ने बताई योजना

खजराना मंदिर समिति के प्रबंधक घनश्याम शुक्ला ने बताया कि यह पूरा काम समिति के अध्यक्ष एवं इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और प्रशासक एवं नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान का उद्देश्य केवल मंदिर को सुंदर बनाना नहीं, बल्कि दर्शन व्यवस्था को भी बेहतर करना है। जब रजत गणेश हॉल का फर्श नीचे हो जाएगा तो स्टेप पर या अंतिम कतार में खड़े श्रद्धालुओं को भी भगवान गणेश के सहज और स्पष्ट दर्शन हो सकेंगे।

वुडन और मार्बल थीम में दिखेगा नया मंदिर

मास्टर प्लान के तहत मंदिर के अंदरूनी हिस्से को वुडन और मार्बल थीम में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा नागर शैली की स्थापत्य कला के अनुरूप भव्य मंडप और आकर्षक प्रवेश क्षेत्र तैयार होगा। मंदिर परिसर का विस्तार मौजूदा 8.5 एकड़ से बढ़ाकर लगभग 26.5 एकड़ किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं के लिए अधिक जगह उपलब्ध हो सके।

ये भी पढ़ें: पेंच टाइगर रिजर्व : कोर एरिया 1 जुलाई से 3 महीने रहेगा बंद, मानसून में सिर्फ बफर जोन में होगी सफारी

श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्लॉक रूम, प्रतीक्षालय, विश्राम स्थल, फीडिंग रूम, डे-केयर सेंटर और प्राथमिक उपचार केंद्र भी बनाए जाएंगे। इसके साथ ही मंदिर तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पार्किंग और यातायात व्यवस्था को भी पहले से अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

Latest Posts