Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
Shivani Gupta
3 Feb 2026
Shivani Gupta
3 Feb 2026
Garima Vishwakarma
3 Feb 2026
Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
भोपाल। अक्टूबर के आखिरी दिनों में ही ठंड ने दस्तक दे दी है। मध्य प्रदेश में एक साथ तीन वेदर सिस्टम एक्टिव होने से आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है। कई जिलों में दिन का तापमान 23 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में दिनभर बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश होती रही। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को भी ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, फिलहाल प्रदेश के उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक डिप्रेशन और एक अन्य वेदर सिस्टम एक्टिव है। इन तीनों सिस्टम के एकसाथ प्रभाव से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है।
मौसम विभाग ने झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं बाकी जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है।
30 अक्टूबर को दतिया राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां दिन का तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुना (22.7°C), नौगांव (22.5°C), टीकमगढ़ (22.8°C), मलाजखंड (23.3°C), और धार (23.4°C) में भी पारा 24 डिग्री से नीचे रहा।
राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 24 डिग्री, इंदौर में 23.2 डिग्री, उज्जैन और ग्वालियर में 24 डिग्री, जबकि जबलपुर में 28.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। ठंडी हवाओं और लगातार बारिश की वजह से लोगों को अब सुबह-शाम कंपकंपी महसूस होने लगी है।
लगातार बारिश से कई जिलों में खेतों में पानी भर गया है। दतिया, गुना, रायसेन, दमोह, सागर, छतरपुर और रीवा समेत कई इलाकों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके।
1 और 2 नवंबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और शहडोल जिलों में भारी बारिश की संभावना है। बाकी हिस्सों में रिमझिम फुहारें और ठंडी हवाओं का दौर जारी रहेगा।
मौसम विभाग का कहना है कि, इस बार ठंड सामान्य से जल्दी शुरू हो रही है। नवंबर से लेकर जनवरी तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी और इसका असर फरवरी तक रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि, 2010 के बाद यह सबसे ठंडी सर्दी हो सकती है। इस दौरान ला-नीना परिस्थितियां विकसित होंगी, जिससे तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है और सर्दियों में औसत से ज्यादा बारिश भी देखने को मिल सकती है।
13 अक्टूबर को प्रदेश से आधिकारिक रूप से मानसून विदा हो गया, लेकिन उसके बाद भी बारिश जारी है। इस बार मानसून लगभग 3 महीने 28 दिन तक एक्टिव रहा। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में औसत से 15% ज्यादा बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में दर्ज की गई, जहां सीजन में 65.7 इंच पानी गिरा। वहीं श्योपुर में 216% तक ज्यादा बारिश दर्ज की गई। हालांकि, शाजापुर जिला सबसे कम बारिश वाला रहा, जहां केवल 28.9 इंच (81%) बारिश हुई।