Hemant Nagle
4 Feb 2026
Garima Vishwakarma
4 Feb 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शुक्रवार को छतरपुर, टीकमगढ़, सतना, गुना, ग्वालियर समेत 16 जिलों में तेज बारिश हुई, जिससे गांवों में पानी भर गया और कई डैम ओवरफ्लो हो गए। शनिवार को भी मौसम विभाग ने इन जिलों में बाढ़ का खतरा जताया है।
शनिवार, 19 जुलाई को ग्वालियर, छतरपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सागर, सतना, टीकमगढ़, अशोकनगर, दतिया, गुना, मुरैना, राजगढ़, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई सड़कों पर यातायात भी बाधित हुआ है।
मौसम विभाग ने आज ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, राजगढ़, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी और अनूपपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों में 4.5 इंच तक बारिश हो सकती है।
शिवपुरी जिले में तेज बारिश के चलते शनिवार को नर्सरी से 12वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। शुक्रवार को भी टीकमगढ़, सतना, डिंडौरी, मऊगंज में स्कूल बंद रहे। छतरपुर जिले में तेज बारिश के कारण दो मकान गिर गए, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई और एक महिला घायल हुई।
छतरपुर के बमीठा-झांसी फोरलेन पर एक एम्बुलेंस बह गई, हालांकि ड्राइवर को सुरक्षित बचा लिया गया। टीकमगढ़ में पूनौल नाले में पानी उफान पर रहा, जिससे झांसी हाईवे पर ट्रैफिक बंद कराना पड़ा। कई गांवों में लोग फंसे हुए हैं और राहत कार्य जारी हैं।
छतरपुर में रनगुवां डैम के 12, कुटनी के 7 और लहचूरा डैम के 13 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। शिवपुरी में मड़ीखेड़ा अटल सागर बांध के 2 गेट खोले गए हैं। इससे आसपास के गांवों में पानी भर गया है।
इस मानसून सीजन में अब तक मध्यप्रदेश में औसतन 511 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य 300.7 मिमी थी। यानी अब तक 70% ज्यादा बारिश हो चुकी है। पूर्वी मध्यप्रदेश में मानसून ने विशेष मेहरबानी दिखाई है।
| जिला | अतिरिक्त बारिश (%) |
| निवाड़ी | 295% |
| छतरपुर | 234% |
| श्योपुर | 225% |
| टीकमगढ़ | 231% |
| ग्वालियर | 181% |
| शिवपुरी | 188% |
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शनिवार को तेज बारिश के बाद रविवार से सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होगा। हालांकि रविवार और सोमवार को भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। 20 और 21 जुलाई को पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन ने बाढ़ संभावित इलाकों में राहत और बचाव टीमें तैनात कर दी हैं। नदी-नालों के आसपास न जाने की चेतावनी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां भी पानी भर गया है, वहां राहत सामग्री और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टिंग की व्यवस्था की जा रही है।