Hemant Nagle
4 Feb 2026
Garima Vishwakarma
4 Feb 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन का सबसे मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। पहली बार राज्य के 53 जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। खासकर इंदौर और उज्जैन संभाग के सभी 15 जिलों में पहली बार एक साथ भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में भी जोरदार बारिश होगी।
रेड अलर्ट (8 इंच से ज्यादा बारिश संभव)
उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर
ऑरेंज अलर्ट (6 से 8 इंच बारिश)
इंदौर, नीमच, मंदसौर, धार, झाबुआ, आगर-मालवा, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, गुना, अशोकनगर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छतरपुर, दमोह, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, सिवनी, श्योपुर, विदिशा
भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, जबलपुर, कटनी, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, डिंडोरी, शहडोल, अनूपपुर
हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट
दतिया, भिंड, मुरैना, अलीराजपुर, झाबुआ, मंदसौर, नीमच, श्योपुरकलां आदि जिलों में
खंडवा: इंदिरा सागर बांध के 12 गेट खोले गए, 3460 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है
ओंकारेश्वर डेम: 9 गेट खुले, 3510 क्यूमेक्स पानी छोड़ा
इटारसी: तवा डैम के 3 गेट 7 फीट तक खुले, 36,372 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज
शिवपुरी: अटल सागर बांध के 6 गेट खुले, 2077.69 क्यूमेक पानी छोड़ा
छिंदवाड़ा: तामिया में गामा जीप नदी में बह गई
विदिशा: पुल पार करते समय ट्रैक्टर बहा, चालक ने कूदकर जान बचाई
बैतूल: हाईटेंशन केबल गिरने से दिल्ली-चेन्नई रेल मार्ग बाधित, 4.5 घंटे तक ट्रैक बंद
भोपाल: हमीदिया रोड, रेलवे स्टेशन जैसे इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया
ग्वालियर: 90 साल का बारिश रिकॉर्ड टूटा, 966 मिमी बारिश हुई, हजारों घरों में पानी भर गया
मंडला: नर्मदा का जलस्तर 437.69 मीटर पहुंचा, रपटा पुल डूबा
दतिया: धान रोपते समय 50 वर्षीय महिला लीला अहिरवार बिजली गिरने से झुलसीं।
मौसम विभाग का अलर्ट: 7 जिलों में वज्रपात के साथ अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी है।
सबसे ठंडी जगह: पचमढ़ी (18.4°C)
सबसे गर्म: ग्वालियर (32.6°C)
भोपाल, इंदौर, उज्जैन में दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही
मौसम विभाग ने बताया है कि लो प्रेशर एरिया, डिप्रेशन, ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह भारी बारिश का सिस्टम बना है, जो जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत तक जारी रहेगा।
अब तक मध्यप्रदेश में औसतन 698 मिमी (करीब 28 इंच) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य आंकड़ा 15.6 इंच है। यानी 50% से ज्यादा बारिश हो चुकी है। कुछ जिलों में तो पूरे सीजन की बारिश का कोटा पहले ही पूरा हो चुका है।