MP Weather Update :मानसून ने की दमदार वापसी, 5 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल

भोपाल। करीब नौ दिनों तक धीमा रहने के बाद मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। राहत की बात यह है कि प्रदेश में बारिश की कमी लगातार घट रही है और जुलाई के आखिरी सप्ताह में तेज बारिश का दौर बने रहने की संभावना जताई गई है।
इन 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
प्रदेश में बारिश की कमी घटी, अब सामान्य से सिर्फ 10% कम
मध्य प्रदेश में मानसून ने 24 जून को प्रवेश किया था। तब से अब तक प्रदेश में औसतन 325.1 मिमी (12.8 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक सामान्य रूप से 359.6 मिमी (14.1 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी फिलहाल प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है।
हालांकि राहत की बात यह है कि, पिछले तीन दिनों में बारिश की कमी लगातार कम हुई है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह आंकड़ा घटकर 10 प्रतिशत रह गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
प्रदेश के किन जिलों में स्थिति बेहतर है?
अब तक प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, राजगढ़, देवास, हरदा, खंडवा, खरगोन, नीमच, भिंड, बुरहानपुर, आगर-मालवा और निवाड़ी शामिल हैं। वहीं 41 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें जबलपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पन्ना, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, श्योपुर, रतलाम, मंदसौर, धार, रायसेन, विदिशा, बालाघाट, कटनी, डिंडौरी, मंडला, नर्मदापुरम समेत कई जिले शामिल हैं।
देवास सबसे आगे, आलीराजपुर सबसे पीछे
बारिश के आंकड़ों के अनुसार देवास प्रदेश का सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बना हुआ है। यहां अब तक 18.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 49 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा-
- बालाघाट में करीब 18 इंच
- सीहोर में 17.2 इंच
- सिवनी में 17 इंच
- भोपाल में 16.4 इंच
हरदा, दमोह और डिंडौरी में करीब 16 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है।
वहीं आलीराजपुर सबसे कम बारिश वाला जिला बना हुआ है, जहां अब तक केवल ढाई इंच वर्षा हुई है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?
मौसम विभाग की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार से शुक्रवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा वर्षा वाले जिले
|
जिला |
24 घंटे में वर्षा (मिमी) |
|
ग्वालियर |
49.8 |
|
टीकमगढ़ |
38.0 |
|
रतलाम |
17.0 |
|
नौगांव |
16.8 |
|
श्योपुर |
11.6 |
|
धार |
9.2 |
|
पचमढ़ी |
5.0 |
|
उज्जैन |
3.0 |
|
शिवपुरी |
3.0 |
|
उमरिया |
2.8 |
|
छिंदवाड़ा |
2.6 |
|
भोपाल (बैरागढ़) |
2.4 |
सबसे ज्यादा और सबसे कम तापमान
24 जुलाई की मौसम रिपोर्ट के अनुसार श्योपुर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद शिवपुरी में 33 डिग्री और ग्वालियर में 32.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
24 जुलाई
श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट है। बाकी अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
25 जुलाई
रतलाम, धार, सीधी और शहडोल में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
26 जुलाई
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, पन्ना, शहडोल सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
27 जुलाई
मौसम विभाग के अनुसार 27 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
जुलाई में क्यों अहम होती है बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार जुलाई का महीना पूरे मानसून सीजन का सबसे महत्वपूर्ण दौर माना जाता है। प्रदेश की लगभग 40 प्रतिशत मौसमी बारिश इसी महीने होती है। भोपाल में सामान्य रूप से जुलाई में करीब 14 इंच, जबकि जबलपुर में 17 इंच से अधिक बारिश होती है। यही वजह है कि जुलाई के आखिरी सप्ताह की बारिश पूरे सीजन के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
प्रदेश में सामान्य बारिश कितनी होती है?
पूरे प्रदेश की औसत सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश का आंकड़ा 38 से 39 इंच के बीच रहता है।











