भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का असर गहराता जा रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से लेकर सोमवार तक प्रदेश के कई जिलों में अति भारी बारिश (Orange Alert) और भारी बारिश (Yellow Alert) की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों में 8 इंच तक बारिश और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
गुरुवार को शिवपुरी और ग्वालियर सीमा पर स्थित हरसी बांध पूरी तरह भर गया और ओवरफ्लो होने लगा है। बांध से बहते पानी के कारण आसपास के करीब 20 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यह एशिया का पहला मिट्टी और गारे से बना बांध है, जिसमें कोई दरवाजा नहीं है। जल स्तर अधिक होने पर पानी सीधे वेस्ट वियर से बहने लगता है।
11 जुलाई, शुक्रवार
ऑरेंज अलर्ट (अति भारी बारिश): जबलपुर, रीवा, सतना, पन्ना, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम समेत कुल 20 जिले।
येलो अलर्ट (भारी बारिश): ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर सहित 12 जिले।
12 जुलाई, शनिवार
अति भारी बारिश: जबलपुर, कटनी, मंडला, दमोह, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर।
भारी बारिश: भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, रायसेन, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर सहित 30 से अधिक जिले।
13 जुलाई, रविवार
अति भारी बारिश: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, खरगोन, खंडवा, देवास, हरदा।
भारी बारिश: भोपाल, जबलपुर, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, सिवनी, छिंदवाड़ा सहित 35 से ज्यादा जिले।
14 जुलाई, सोमवार
मौसम पूर्वानुमान: कहीं-कहीं हल्की से मध्यम और कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना। मेघगर्जन, बिजली गिरने और तेज हवा के भी आसार।
गुना जिले के खेजरा रामा गांव में दो मासूम बच्चे नदी में डूब गए। लल्लू बैरागी (6) और कबीर मीना (8) नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए थे। दोनों के शव रात में मछुआरों की मदद से निकाले गए। वहीं ग्वालियर और रीवा में 9 घंटे में ढाई इंच बारिश दर्ज की गई। दतिया, टीकमगढ़, सतना और छतरपुर में भी अच्छी बारिश हुई।
IMD की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल तीन ट्रफ लाइन और झारखंड-उत्तर प्रदेश के पास लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। इसके असर से आगामी 14-15 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 15 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 71% अधिक है।
पूर्वी मप्र में: 84% अधिक बारिश
पश्चिमी मप्र में: 60% अधिक बारिश
येलो अलर्ट: सतर्क रहें, मौसम कभी भी बिगड़ सकता है।
ऑरेंज अलर्ट: बहुत जरूरी हो तभी बाहर निकलें, खराब मौसम की संभावना।
रेड अलर्ट: जान-माल को नुकसान की आशंका, आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी करें।