भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च महीने की शुरुआत तेज धूप और बढ़ते तापमान के साथ हुई है। रविवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम पूरी तरह साफ रहा, जिसके कारण दिन का तापमान तेजी से बढ़ गया। निमाड़ क्षेत्र के खरगोन जिले में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे ज्यादा रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक, पचमढ़ी को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे शहरों में भी तेज धूप के कारण गर्मी का असर साफ नजर आया।
मार्च के पहले दिन यानी रविवार को मध्य प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहा। तेज धूप के कारण कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ गया। इंदौर संभाग के निमाड़ क्षेत्र में गर्मी सबसे ज्यादा देखने को मिली। खरगोन में तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा तापमान माना जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के कई जिलों में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया।
इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज हुई-
तेज धूप के कारण लोगों को दोपहर के समय गर्मी का ज्यादा एहसास हुआ।
नीचे तालिका में प्रदेश के प्रमुख शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान-
|
शहर |
अधिकतम तापमान (°C) |
न्यूनतम तापमान (°C) |
|
भोपाल |
31.2 |
15.0 |
|
इंदौर |
32.3 |
13.4 |
|
ग्वालियर |
33.4 |
15.4 |
|
उज्जैन |
32.5 |
15.0 |
|
जबलपुर |
32.9 |
16.4 |
|
खंडवा |
34.1 |
17.0 |
|
खरगोन |
35.2 |
16.2 |
|
धार |
33.3 |
17.1 |
|
गुना |
33.0 |
16.1 |
|
नर्मदापुरम |
33.8 |
18.5 |
|
पचमढ़ी |
27.8 |
12.8 |
पहाड़ी क्षेत्र पचमढ़ी को छोड़कर लगभग सभी शहरों में तापमान 30 डिग्री से ऊपर है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले चार दिनों में प्रदेश में गर्मी और बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि, अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि, कई शहरों में तापमान जल्द ही 34 से 38 डिग्री के बीच पहुंच सकता है।
दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी हो रही है। हाल ही में कई शहरों में रात का तापमान 17 से 19 डिग्री तक पहुंच गया। उदाहरण के तौर पर-
जबलपुर - 19.3°C
सतना - 18.2°C
नर्मदापुरम - 18.5°C
सिवनी - 18.2°C
यह संकेत है कि गर्मी धीरे-धीरे तेज होने लगी है।
हालांकि, बढ़ती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत की संभावना भी जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 4 मार्च की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होगा। इसका असर दो दिन बाद मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है।
इस सिस्टम की वजह से-
विशेषज्ञों का मानना है कि, रंगपंचमी के आसपास कुछ जिलों में बारिश हो सकती है।
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मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को प्रदेश में मौसम सामान्य रहेगा।
फिलहाल किसी भी जिले के लिए मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
पिछले 10 सालों के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में मार्च का मौसम काफी बदलता रहता है। इस महीने आमतौर पर तीनों तरह के मौसम देखने को मिलते हैं-
इस बार भी मौसम का पैटर्न लगभग ऐसा ही दिखाई दे रहा है।
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मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। विशेष रूप से इन संभागों में गर्मी का असर ज्यादा हो सकता है-
इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे।
इस साल फरवरी में मध्य प्रदेश में मौसम कई बार बदला। फरवरी महीने में चार अलग-अलग बार प्रदेश में ओले, बारिश और तेज हवाओं का असर देखा गया। इससे किसानों की फसलों को काफी नुकसान भी हुआ।
फरवरी में मौसम की प्रमुख घटनाएं-
इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था।
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मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। फरवरी में हुई बारिश और ओलावृष्टि से कई इलाकों में फसलें प्रभावित हुई थीं। अब मार्च में गर्मी तेजी से बढ़ने से भी रबी फसलों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, अगर मार्च में हल्की बारिश होती है तो इससे कुछ फसलों को फायदा भी मिल सकता है।